अजमेर में दशकों बाद फिर एक और सनसनीखेज ब्लेकमैल और गैंगरेप कांड, दो आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में, कई चौंकाने वाले तथ्य आए सामने, राजनीति में भी उबाल
एनसीआई@अजमेर
क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप और ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस सम्बन्ध में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों के मुस्लिम होने के कारण राजनीति में भी उबाल आ गया है। वहीं आरोपियों से पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस मामले में अजमेर रेंज आईजी लता मनोज कुमार के निर्देश पर एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इसमें एसपी, सीओ सहित 17 लोगों को शामिल किया गया है।
पुलिस ने अपनी प्रारम्भिक तहकीकात के बाद इस मामले में एक बेहद चौंकाने वाली स्वीकारोक्ति की है। उसने माना है कि, इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाले आरोपियों की यह पूरी गैंग हो सकती है। इनमें शामिल बदमाश स्कूल, कॉलेज और कोचिंग छात्राओं को फंसाकर ब्लैकमेल करते हैं। जो मामला सामने आया है उसमें भी पीड़ित छात्रा को उसकी सहेली कोचिंग छात्रा ने आरोपी की इंस्टाग्राम आईडी देकर दोस्ती करवाई थी। इसके बाद ही पीड़िता इनके जाल में उलझती चली गई। आरोपी पोर्न फिल्में देखने और नशे के आदी हैं। पुलिस अब उस कोचिंग छात्रा के बारे में भी तहकीकात कर रही है।

पुलिस ने यह दी जानकारी
थाना इंचार्ज अरविंद चारण ने इस मामले में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया शनिवार, 1 जून को गिरफ्तार दोनों आरोपी रातीडांग निवासी इरफान (19) और उसके फोटोग्राफर दोस्त नौसर निवासी अरबाज (23) को रविवार को 2 दिन के रिमांड पर लिया गया। इन आरोपियों के मोबाइल और कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अजमेर एसपी देवेन्द्र विश्नोई के अनुसार, 30 मई को पीड़ित कोचिंग छात्रा के पिता ने क्रिश्चियनगंज थाने में इरफान और अरबाज सहित 6 लोगों के खिलाफ उनकी नाबालिग बेटी को ब्लैकमेल करने और गैंगरेप करने का मामला दर्ज कराया था। यह रिपोर्ट पॉक्सो एक्ट की धाराओं में दर्ज की गई थी।

मोबाइल का डेटा गायब मिला
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन के डेटा खंगाले तो काफी डेटा गायब मिला। पुलिस इसे रिकवर करने की कोशिश कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि छात्राओं को ब्लैकमेल करने वाले इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। इस वारदात में किन युवकों की क्या भूमिका थी, पुलिस को इस सम्बन्ध में कुछ युवकों से अहम जानकारी मिली है।
पोर्न फिल्म देखने और नशे के हैं आदी
पुलिस की तहकीकात में सामने आया है कि इरफान और अरबाज पोर्न फिल्म देखने के साथ नशे के भी आदी हैं। माकड़वाली रोड, आनासागर चौपाटी, रातीडांग और पुष्कर रोड के आसपास के कुछ रेस्तरां में इनका स्कूली छात्राओं के साथ आना-जाना रहा है। पुलिस ने ऐसे अन्य स्थानों को भी चिह्नित किया है, जहां ये आरोपी छात्राओं को लेकर जाते थे।पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों के सम्भावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
अजमेर कांड की याद ताजा हुई

अजमेर दक्षिण से विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिता भदेल ने इस मामले पर कहा कि- स्कूली छात्रा को ब्लैकमेल और रेप करने की इस घटना से 1992 के अजमेर कांड की याद ताजा हो गई है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आरोपी इस तरह बुनते थे जाल, फिर फंसाते थे शिकार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अरबाज वैशाली नगर स्थित सेवन वंडर्स पार्क के बाहर फोटोग्राफी करता है। यहां स्कूली छात्राएं और अन्य लड़कियां घूमने के लिए आती हैं। अरबाज बतौर प्रोफेशनल फोटोग्राफर उनके फोटो क्लिक करता, फिर फोटो भेजने के बहाने मोबाइल नम्बर ले लेता था।
बाद में इन लड़कियों से दोस्ती बढ़ाकर उनकी सोशल मीडिया आईडी के पासवर्ड लेता और उनकी फोटो को न्यूड कर ब्लैकमेल करता था। इसके साथ ही अपनी गैंग के अन्य सदस्यों को भी उन लड़कियों के नम्बर भेज कर ब्लैकमेल करवाता था।
इरफान, अरबाज और इनके अन्य साथी इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लड़कियों से दोस्ती करते, फिर उन्हें प्रेम जाल में फंसाते थे। बाद में उनके मोबाइल नम्बर पर अश्लील फोटो-वीडियो भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू करते थे। इनकी पूरी गैंग ही ब्लैकमेल करती है।
गैंग से जुड़े हो सकते हैं कई अन्य लोग
पुलिस के मुताबिक, लड़कियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपियों की गैंग में कई और लोग शामिल हैं। इसके लिए पुलिस अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही है। इसी दौरान पुलिस ने 6 अन्य आरोपियों को भी पकड़ा है, हालांकि वह अभी इनका खुलासा नहीं कर रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है।
ऐसे फंसाया था पीड़िता को अपने जाल में
इस मामले में पीड़ित छात्रा के पिता ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसके अनुसार, क्रिश्चियन गंज थाना इलाके के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा को उसी कोचिंग की एक अन्य छात्रा ने अक्टूबर 2023 में लड़कों से दोस्ती करने की सलाह दी। उसने इस छात्रा को एक लड़के की इंस्टाग्राम आईडी भेजी। हालांकि फ्रेंड रिक्वेस्ट को इस छात्रा ने ब्लॉक कर दिया था।
इसके बाद इस सहेली ने छात्रा को इरफान की इंस्टाग्राम आईडी दी। इरफान की फ्रेंड रिक्वेस्ट को इस छात्रा ने कबूल कर लिया। इसके बाद इन दोनों के बीच चेटिंग होने लगी। इस। दौरान इरफान ने इस छात्रा पर विश्वास जमा लिया। इस आधार पर उसने इस छात्रा की इंस्टाग्राम आईडी और पासवर्ड ले लिया। यही नहीं उसने इस छात्रा का न्यूड फोटो भी ले लिया।
ब्लैकमेल करने लगा तो घर से चोरी कर देने पड़े पैसे
मगर इसके बाद तो इस छात्र पर जैसे आफत टूट पड़ी। इरफान ने इसके कुछ फोटो एडिट कर उसी की आईडी से उसकी कुछ सहेलियों को भेज दिए। इस पर सहेलियों ने उसे ब्लॉक कर दिया। इस छात्रा की आईडी से इरफान ने कुछ अश्लील चेट भी किए। इनके आधार पर ही वह छात्रा को ब्लैकमेल कर पैसे मांगने लगा। बुरी तरह जाल में फंस चुकी यह छात्रा मजबूरन घर से पैसे चोरी कर इरफान को देने लगी। खास बात यह भी है कि इरफान जब भी छात्रा से पैसे लेने जाता तो उसके साथ उसका कोई न कोई दोस्त भी होता था।
दोस्त के सामने ही रेप कर फोटो-वीडियो बनाए, फिर मांगे 10 लाख रुपए
मार्च 2024 में छात्रा पैसे देने आई तो इरफान के साथ अरबाज भी था। इरफान ने ब्लैकमेल कर अरबाज के सामने ही इस छात्रा का रेप किया और इसके फोटो-वीडियो बनाए। तब तक यह पीड़िता इरफान को 5 लाख रुपए दे चुकी थी। रेप के बाद इन आरोपियों ने उससे 10 लाख रुपए की मांग की।
घर से लगातार पैसे चोरी होने की बात सामने आई तो पिता ने बेटी से सख्ती से पूछताछ की। इस पर उसने पिता को सब कुछ बता दिया। इसके बाद पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
कई लड़कियों के सम्पर्क में हैं आरोपी
जांच में सामने आया है कि अरबाज और इरफान के सम्पर्क में कई स्कूली छात्राएं हैं। पुलिस को दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) में कई ऐसे नम्बर मिले हैं, जिन पर उसकी लगातार बातचीत हो रही थी। इरफान और अरबाज के अलावा इस मामले में कई और लड़कों के नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस रिमांड में दोनों से पूछताछ कर रही है।
बीजेपी ने इस कांड पर रोष जताते हुए एसपी को ज्ञापन दिया

मामले के खुलासे के बाद सोमवार को बीजेपी ने विरोध जताया। पार्टी के जिला अध्यक्ष रमेश सोनी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एसपी देवेन्द्र विश्नोई को ज्ञापन दिया। जिला अध्यक्ष सोनी ने बताया कि नाबालिग पीड़िता के साथ हुई घटना गम्भीर है। यह प्रकरण 1992 के ब्लैकमेल कांड की पुनरावृत्ति प्रतीत होती है। इस मामले में गहनता से जांच कर अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जाए, ताकि पूर्व में हुए ब्लैकमेल कांड की तरह अजमेर को यह कलंक नहीं झेलना पड़े।
जिला अध्यक्ष ने एसपी से यह भी कहा कि ऐसे अपराध अधिकतर अवैध कैफे और रेस्टोरेंट में किए जा रहे हैं। इन पर भी सम्बन्धित विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की जाए।
वकीलों ने भी किया विरोध प्रदर्शन
गैंगरेप मामले में अजमेर के वकीलों ने भी सोमवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शकारी वकीलों ने कहा कि क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र में वर्ग विशेष के युवाओं की ओर से नाबालिग लड़कियों को सोशल मीडिया से झांसे में लेकर उनकी तस्वीरों को एडिट कर ब्लैकमेल करने का जो मामला सामने आया है, उससे अजमेर में 1992 में भी हुए ऐसे ही ब्लैकमेल कांड की याद ताजा हो गई है। वकीलों ने जिला कलक्टर से मुलाकात की और ज्ञापन दिया।

1992 में हुआ था इस तरह का कांड, पूरे देश में पैदा हो गया था आक्रोश
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1992 में अजमेर में स्कूल-कॉलेज की लड़कियों को ऐसे ही जाल में फंसा कर इसी तरह ब्लैकमेल और गैंगरेप कांड हुआ था। स्कूल-कॉलेज की लड़कियों की न्यूड फोटो और उनकी फोटो कॉपी बाजार में जगह-जगह पहुंचने लगी थी। करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लड़कियों को इस जाल में फंसाया गया था।
इसमें आरोपियों के रूप में मुस्लिम वर्ग के कई रसूखदार लोगों के नाम सामने आने लगे, तब पीड़ित युवतियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 1994 में आरोपियों में से एक पुरुषोत्तम ने जमानत पर छूटने के बाद आत्महत्या कर ली थी। केस का पहला फैसला मुकदमा दर्ज होने के 6 साल बाद 1998 में आया। तत्कालीन जिला जज कन्हैयालाल व्यास ने 8 आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी।
इस फैसले से कुछ समय पहले एक आरोपी फारूक चिश्ती को मानसिक रोग सिजोफ्रेनिया होने की बात सामने आई। इसकी वजह से उसके खिलाफ मुकदमा टाल दिया गया। बाद में उसके मामले की अलग से सुनवाई हुई। जिला न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील पेश की। जहां से उनकी सजा 10 साल के कारावास में बदल दी गई। इसके बाद भी इन दोषियों सहित राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग अपील दायर की। मगर वहां से 10 साल की सजा को नहीं बदला गया।
बुर्के में पकड़ा गया था एक आरोपी
2003 में दिल्ली के धौला कुआं में इस कांड के एक आरोपी नफीस चिश्ती को बुर्का पहने हुए गिरफ्तार किया गया। तब उसके खिलाफ सुनवाई शुरू हुई। यह सुनवाई पूरी होने से पहले ही 2010 में नसीम और इकबाल भाटी तथा 2012 में सलीम चिश्ती भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह इन पांच आरोपियों के खिलाफ नए सिरे से मुकदमा शुरू हुआ, जो अभी तक लम्बित है। इस मामले में अब 5वीं बार गवाहों के बयान हो रहे हैं।
