नैनवां नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रुक्मणी नागर गिरफ्तार, कोर्ट ने जेल भेजा, 16 साल पुराना है मामला
एनसीआई@कोटा
सरकारी जमीन पर पट्टा जारी करने के 16 साल पुराने मामले में बूंदी जिले की नैनवां नगर पालिका की तत्कालीन अध्यक्ष रुक्मणी नागर ने शुक्रवार को कोर्ट में समर्पण किया। इसके बाद एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसके बाद रुक्मणी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा के डीएसपी अनीस अहमद ने बताया कि वर्ष 2012 में नैनवां नगर पालिका में खातेदारी जमीन के साथ सिवायचक जमीन पर प्लॉट काटने का आरोप एसीबी में दर्ज कराया गया था। इस मामले में नगर पालिका की तत्कालीन अध्यक्ष रुक्मणी नागर आरोपी थीं। उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगा रखी थी। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें निचली अदालत में सरेंडर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद रुक्मणी नागर ने आज कोर्ट में सरेंडर किया। एसीबी ने गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की और कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 18 जुलाई तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दे दिया।
यह था मामला
नागौर जिले के मेड़ता सिटी निवासी प्रोपर्टी डीलर सत्यनारायण कुमावत ने नैनवां में शकुंतला व संतोष नामक महिलाओं से उनकी जमीन का सौदा किया था। इसमें 10 लाख रुपए लेकर जमीन का बेचान इकरारनामा जून 2008 को मनमोहन बिंदल के नाम करवाया। इसी जमीन के पास सिवायचक (सरकारी) जमीन भी थी। सत्यनारायण ने सौदे वाली जमीन की 90 B की कार्रवाई के लिए आवेदन किया। इसमें उसने तत्कालीन नगर पालिकाकर्मियों से मिली भगत व फर्जीवाड़ा कर सिवायचक जमीन का भी नक्शा अनुमोदित करवा लिया।
यह मामला 2012 में एसीबी में दर्ज हुआ। इसमें तत्कालीन पटवारी महावीर प्रसाद शर्मा, कनिष्ठ लिपिक व कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी नगर पालिका नैनवां भंवर लाल चौधरी, कानूनगो छोटू लाल वर्मा, तत्कालीन पालिका अध्यक्ष रुक्मणी नागर, सत्यनारायण कुमावत, तेजराज चौधरी व बलदेवराम जाट को आरोपी बनाया गया।
तीन आरोपी अभी भी फरार
इस मामले में नैनवां के तत्कालीन पटवारी महावीर प्रसाद शर्मा, नगर पालिका नैनवां के तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक व कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी भंवर लाल चौधरी व कानूनगो छोटू लाल वर्मा पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
