मदरसे में 6 नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म की पुष्टि, मजिस्ट्रेट के सामने मौलाना के खिलाफ दर्ज कराए बयान, और पीड़ित बच्चियां भी आईं सामने, जांच के लिए एसआईटी गठित
उधम सिंह नगर जिले के एक मदरसे में मौलाना बच्चियों का शारीरिक शोषण किया करता था। एसआईटी ने मौलाना को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर उसके मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
एनसीआई@उधम सिंह नगर
देवभूमि उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले की एक मस्जिद में संचालित मदरसे में पढ़ाने वाला मौलाना नाबालिग छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाकर उनका शारीरिक शोषण किया करता था। यह आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले की गम्भीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने इसकी जांच के लिए एसपी सिटी मनोज कत्याल एवं सीओ निहारिका तोमर (आईपीएस) के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया। एसआईटी ने आरोपी मौलाना को पुलिस रिमांड पर लेकर घटना स्थल का भौतिक निरीक्षण किया। साथ ही मौलाना का मोबाइल बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।

यह मामला रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के मलसी गांव की मस्जिद का है। इस मस्जिद में संचालित मदरसे में पढ़ाने वाला मौलाना शब्बीर रजा पुत्र वसीर अहमद, निवासी जहानाबाद, पीलीभीत आरोपी है। इस पर नाबालिग लड़कियों को अश्लील वीडियो दिखाकर उनका शारीरिक शोषण करने का आरोप है। अब तक मजिस्ट्रेट के सामने कराए गए 6 पीड़ित बच्चियों के बयानों से उनके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। इन बयानों की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। पीड़ित नाबालिग बच्चियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने एसआईटी का गठन कर एसपी सिटी मनोज कत्याल को पर्यवेक्षण अधिकारी एवं सीओ निहारिका तोमर को प्रभारी बनाया है। इस टीम में 18 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं।
मौलाना के मोबाइल को पुलिस ने किया बरामद
एसआईटी की टीम रिमांड पर चल रहे आरोपी मौलाना को उप कारागार हल्द्वानी से ग्राम मलसी के मदरसा में लेकर गई। यहां के जिस एसी वाले कमरे में मौलाना शब्बीर रजा बच्चियों को अश्लील वीडियो दिखाकर दुष्कर्म करता था, वहां से उसकी निशानदेही पर उसका मोबाइल फोन बरामद कर लिया गय। इसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री से मौलाना के द्वारा बहुत अधिक पोर्न वीडियो देखने की पुष्टि हुई है। नाबालिग बच्चियों ने भी अपने बयानों में इसका जिक्र किया था। इस फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि एसआईटी मामले की बारीकी से जांच करेगी, ताकि दोषी मौलाना के खिलाफ अधिक से अधिक साक्ष्य एकत्र कर उसे फांसी की सजा दिलाई जा सके।
मामले को फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलाने की पैरवी करेंगे
एसएसपी ने बताया कि हम जिलाधिकारी से अनुरोध करेंगे कि मामले को फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलाया जाए। जिससे उसे सजा मिलने में देरी नहीं हो।
यह है पूरा मामला
शिक्षा की आड़ में मौलाना शब्बीर रजा 5 से 8 वर्ष की बच्चियों के साथ दुष्कर्म कर रहा था। यही नहीं, वह बच्चियों को जिन्न का डर दिखाकर मुंह बंद रखने की धमकी देता था।
मौलाना की इस करतूत का खुलासा तब हुआ, जब शोषण की शिकार एक बच्ची ने उसकी हरकतों की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद पीड़िता की मां ने 17 अगस्त को मौलाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पोक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी मौलाना को गिरफ्तार कर लिया गया।
दो महीने पहले ही यहां आया था
पुलिस के अनुसार आरोपी दो महीने पहले ही यहां आया था। वह मस्जिद की आड़ में अवैध मदरसा चला रहा था, जहां तमाम बच्चे दीनी तालीम लेने आने लगे थे। यौन शोषण की शिकार छह बच्चियों ने एक महीने पहले ही मदरसे में प्रवेश लिया था। प्रवेश के दो-तीन दिन के बाद से ही मौलवी उन्हें कमरे में ले जाकर अश्लील वीडियो दिखा उनका यौन शोषण करता था।
जहानाबाद में भी खंगाली जा रही कुंडली
पुलिस आरोपी के पूर्व जीवन को भी खंगाल रही है। दो महीने पहले वह जहानाबाद में रहता था। जहानाबाद में वह कब तक रहा और वहां क्या-क्या किया, इन सबकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने बयान में जहानाबाद में तनख्वाह कम मिलने की बात कही है। ऐसे में अब पुलिस शब्बीर के जहानाबाद में रहने के दौरान किए गए कार्यों का पता भी लगाएगी। पुलिस को शक है कि कहीं जहानाबाद में भी वह किसी अपराध को अंजाम देकर तो यहां नहीं आया है।
मौलवी की पीसीआर लेकर तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए हैं। मोबाइल से अश्लील वीडियो दिखाने के साक्ष्य मिले हैं। जिस फोन से बच्चियों को अश्लील वीडियो दिखाई जाती थी, उसे बरामद कर लिया गया है।
–मनोज कत्याल, एसपी सिटी
