केन्द्रीय बजट को कोटा शहर के इन दिग्गजों ने जमकर सराहा, कहा- विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी
एनसीआई@कोटा
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नरेन्द्र मोदी की सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट 2025-26 पेश किया। कोटा शहर के कुछ दिग्गजों की इस बजट पर ऐसी प्रतिक्रिया सामने आई है।
रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा…सबका रखा ध्यान, आमजन को सौगातों की बहार: राजेश कृष्ण बिरला

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट प्रेसिडेंट एवं कोटा नागरिक बैंक अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने अपनी बजट प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश की आकांक्षाओं का बजट है। इसे मध्यम वर्ग के सपनों को साकार करने वाले बजट कहा जा सकता है। बजट में बचत से निवेश की अनेक घोषणा है। 12 लाख तक कर मुक्त आय देकर मध्यवर्ग की आर्थिक क्षमता को बढाने वाला बजट है। कैंसर, दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत प्रदान करने के लिए 36 दवाओं के शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इसके अलावा 6 में दवाओं को रियायती छूट दी जाएगी।भारत में मेडिकल टूरिज्म के लिए आसान वीजा उपलब्ध करवाया जाएगा। देश के 200 जिला अस्पतालों में कैंसर डे केयर सेंटर खोले जाना स्वागत योग्य है। इस बजट में प्रस्तावित विकास, उपाय गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखकर किया गया है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना स्वागत योग्य: चैन सिंह राठौड़

कोटा-बूंदी दूध उत्पादक सहकारी संघ व भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने बजट-2025 को हर क्षेत्र के लिए श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में मोदी सरकार की दूरदर्शिता का ब्लूप्रिंट बताया है। किसान, गरीब, मध्यम वर्ग, महिला और बच्चों की शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य से लेकर निवेश व बुजुर्गों का ध्यान इसमें रखा गया है। बजट में राज्यों की भागीदारी के साथ ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’की गई है। इसके अंतर्गत 100 जिलों को शामिल किया गया है, जहां उत्पादन में वृद्धि, फसल विविधता अपनाने, फसल कटाई के बाद भंडारण बढ़ाने, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करने, दीर्घ-अवधि और लघु-अवधि, ऋण की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया। इससे 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार तूर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए एक छह वर्षीय अभियान का शुभारम्भ करेगी। केन्द्रीय एजेंसियां (नेफेड और एनसीसीएफ) अगले चार वर्षों के दौरान किसानों से मिलने वाली इन तीन दालों को अधिकतम स्तर पर खरीदने के लिए तैयार रहेंगी। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मिलने वाले ऋण की सीमा को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की घोषणा करना बहुत लाभकारी है। कपास की खेती की उत्पादकता और निरंतरता में पर्याप्त सुधार लाने के लिए पांच वर्षीय मिशन की घोषणा, सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम के उपायों की भी अवधारणा तैयार की गई है। कृषि और इससे सम्बद्ध गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन देने के लिए इसमें अन्य उपायों के साथ कपास उत्पादकता के लिए एक पांच वर्षीय अभियान और उच्च पैदावार करने वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं।
यह है आत्मनिर्भर भारत का बजट : वीके जेटली

डीसीएम श्रीराम के पूर्व सीईओ और कॉरेजेस कम्युनिटी फाउंडेशन के चैयरमेन वीके जेटली ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्ति करते हुए कहा कि “ये आत्मनिर्भर भारत का बजट है।इस बजट में मध्यम वर्गीय परिवार के साथ ही हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। वर्ष 2047 में विकसित भारत के आधारभूत ढांचे की परिकल्पना इस बजट में की गई है। इनकम टेक्स की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपए करना क्रांतिकारी कदम है। किसान, मजदूर, महिला और युवा इन चारों वर्गों का बजट में पूर्ण रूप से ध्यान रखा गया है। साथ ही टूरिज्म सेक्टर को बूस्ट देने की बात कही गई है। विकास के दूसरे इंजन के रूप में एमएसएमई के वर्गीकरण मानदंड में संशोधन, सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कारोबार की सीमा बढ़ाकर क्रमशः 2.5 और दो गुना कर दी जाएगी।
सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड उद्यम मंच पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पहले वर्ष में पांच लाख रुपए तक की सीमा वाले 10 लाख कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे। विस्तारित कार्यक्षेत्र और 10 हजार करोड़ रुपए के नए अंशदान के साथ निधियों के कोष (फंड्स ऑफ फंड) की स्थापना की जाएगी।
पहली बार व्यापार करने वाली पांच लाख महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की उद्यमियों के लिए अगले पांच वर्षों के दौरान दो करोड़ रुपए तक का सावधि ऋण उपलब्ध कराने की एक नई योजना की घोषणा की गई है।
सीनियर सिटीज़न को भी टेक्स में राहत दी गई है। इस प्रकार यह भारत के युवाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को अधिक आय, नारी शक्ति को सम्मान व स्वाभिमान तथा विशेष रूप से मध्यम एवं निम्न आय वर्ग को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने वाला बजट है।
मिडिल क्लास के बहु प्रतिक्षित सपने हुए साकार, बजट से मिली बड़ी राहत : राजेश गुप्ता

डिविजनल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री कोटा एवं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने 2025 के बजट को भारत के मिडिल क्लास के लिए एक बड़ा तोहफा बताते हुए इसका स्वागत किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का इसके लिए आभार जताया है।
गुप्ता ने कहा-मध्यम वर्ग एवं व्यापारी को 12 लाख तक की आय एवं नौकरी पेशा मध्यम वर्ग को 12 लाख 75000 रुपए तक की आय को टेक्स मुक्त करने का हर तरफ स्वागत और अभिनंदन हो रहा है। चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने भी समय-समय पर केंद्र सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए ठोस और मजबूत कदम उठाने की मांग की थी, ताकि भारत विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हो सके । इस पर ध्यान देते हुए बजट में स्टार्टअप्स को 20 करोड़ तक के लोन सुविधा देने की घोषणा और वर्ष 2030 तक सभी छूट बरकरार रखने की घोषणा करना स्वागत योग्य कदम है। इसके साथ ही एमएसएमई की कारोबार सीमा में बढ़ोतरी करना तथा उनकी लोन गारंटी 5 करोड़ से सीधा 10 करोड़ तक करना बहुत ही प्रशंसनीय और दूरगामी परिणाम वाला कदम है।
साथ ही किराए की आमदनी पर टीडीएस छह लाख रुपए तक मुक्त करना एवं टीडीएस की सीमा 10 लाख रुपए तक करना एक बड़ा और अच्छा फैसला है। डिविजनल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री कोटा पूरे बजट 2025 का स्वागत एवं प्रशंसा करता है।
