कोटा:शिक्षक नेता को जबरन थाने में बैठाए रखने का आरोप, पुलिस ने कहा-छात्रों को भड़काने की शिकायत पर हुई पूछताछ
एनसीआई@कोटा
राजस्थान यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संगठन महासंघ के जोनल सचिव डॉ. रघुराज परिहार को शुक्रवार पुलिस उनके घर से थाने ले गई।
इस मामले में शिक्षक नेता डॉ. परिहार का कहना है कि पुलिस ने उनकी जान को खतरा बताया। जबकि असल बात यह है कि उन्हें वाराणसी में 13 सितम्बर को होने वाले शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन में जाने से रोकना था। वहीं, कुन्हाड़ी थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज का कहना है कि उनके पास डॉ. परिहार की ओर से छात्रों को भड़काने की शिकायत मिली थी। इस मामले में उन्हें थाने लेकर गए। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, डॉ. परिहार के एक साथी प्रोफेसर का दावा है कि, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जिला पुलिस अधीक्षक को फोन किया, तब पुलिस का रुख नरम हुआ।
शिक्षक आंदोलन में जाने से रोकने के लिए ऐसा किया
शिक्षक नेता डॉ. परिहार का घर शहर के कुन्हाड़ी थाना इलाके में है। उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे उनके घर कई पुलिसकर्मी पहुंचे और थाने चलने को कहा। इस पर उन्होंने पुलिस से कहा कि वे वाराणसी में होने वाले धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए निकलने वाले हैं। इसके बावजूद पुलिस ने एक नहीं सुनी। डॉ. परिहार का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी जान को खतरे का बहाना बनाया और थाने ले गए। दोपहर डेढ़ बजे तक उन्हें वहीं बैठाए रखा। इससे वाराणसी जाने वाली उनकी ट्रेन निकल गई। इससे उनके साथ जाने वाले अन्य 15 शिक्षक भी नहीं जा पाए।
शिक्षकों की आवाज को दबाने का आरोप
बारां के सीसवाली सरकारी कॉलेज में सहायक आचार्य रवि नागर ने इस मसले पर कहा कि, जानकारी मिलने पर शिक्षकों के साथ थाने पहुंचे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विरोध में 12 सितम्बर को वाराणसी में होने वाला धरना-प्रदर्शन शिक्षकों और छात्रों दोनों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, नई नीति-नवाचर के नाम पर ऐसी व्यवस्थाएं थोपी जा रही हैं, जो छात्रों और शिक्षकों के भविष्य के लिए घातक हो सकती हैं। इसी के खिलाफ आंदोलन हो रहा है।
वहीं, डॉ. परिहार ने यह भी कहा कि, जयपुर से रिटायर्ड शिक्षक घासीराम चौधरी और डॉ. जीएन सवाईमाधोपुर आए थे। यहां से उन्हें ट्रेन में बैठना था, मगर उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। सीसवाली गवर्नमेंट कॉलेज के प्रोफेसर रवि नागर और धर्मराज मीणा भी कोटा जाने वाले थे, मगर ये दोनों भी नहीं जा पाए। प्रो. बने सिंह कुशलगढ़, बांसवाड़ा गवर्नमेंट कॉलेज से आए, इन्हें भी जयपुर में पुलिस ने डिटेन कर लिया।
