एनसीआई@बूंदी
जिले के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल खराबे से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ 2026) के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद बूंदी द्वारा जारी निर्देशानुसार किसान 31 जुलाई तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं।
इन अधिसूचित फसलों का होगा बीमा
राज्य सरकार ने बूंदी जिले में खरीफ के तहत उड़द, मक्का, धान, बाजरा और सोयाबीन को अधिसूचित फसलें निर्धारित किया है।
बीमा कराने की प्रक्रिया और जरूरी तिथियां
किसानों को खेतों में वास्तविक रूप से बोई गई फसलों की लिखित सूचना 29 जुलाई तक देनी होगी, ताकि बैंक वास्तविक बुआई के अनुसार बीमा कर सकें। ऋणी किसान अपने सम्बंधित बैंक से और गैर-ऋणी किसान किसी भी नजदीकी केन्द्रीय सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक, डाकघर या सीएससी के माध्यम से बीमा करा सकते हैं। बीमित राशि का खरीफ के लिए 2 प्रतिशत, रबी के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक व बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम कृषक द्वारा वहन किए जाने का सामान्य प्रावधान है। योजना के तहत किसान रबी फसलों का बीमा भी 31 जुलाई 2026 तक करा सकते हैं।
नुकसान होने पर 72 घंटे में देनी होगी सूचना
संयुक्त निदेशक कृषि राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि फसल बुआई से लेकर कटाई तक सूखा, बाढ़, जलप्लावन, भू-स्खलन, बिजली गिरने से लगी आग, तूफान, और ओलावृष्टि जैसे अनियंत्रित कारणों से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। फसल कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए बंडल के रूप में रखी फसल पर नुकसान का यह प्रावधान 14 दिन की अवधि के लिए व्यक्तिगत आधार पर लागू होता है। घटना घटने के 72 घंटे के भीतर किसान को कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नम्बर 14447, क्रॉप इंश्योरेंस एप पर या फिर लिखित में सम्बंधित बैंक, कृषि विभाग या बीमा कम्पनी को सूचना देना आवश्यक है।
