एनसीआई@मुम्बई
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में निधन हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर ही हार्ट अटेक आया था। उन्हें करीब 45 मिनट तक सीपीआर दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वे फिल्मों को बहुत चुनकर करते थे। उन्हें एक्टिंग का सम्राट कहा जा सकता है।
मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5.20 बजे निधन हुआ। उनके निधन के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। वे 4 अक्टूबर को गोवा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे
‘परिंदा’ में विलेन बने, 3 नेशनल अवॉर्ड जीते
नाना ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं। 1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला।
1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उन्हें करियर में 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लम्बे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया।
वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर कॉमेडी में भी छा
2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस कॉमेडी रोल को काफी पसंद किया गया। वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए।
नाना के उदय शेट्टी के किरदार के डायलॉग्स पर कई मीम्स बने। जिसमें सबसे लोकप्रिय सीन वह था, जहां वे खुद को शांत करने के लिए कहते हैं—”कंट्रोल उदय… कंट्रोल!”
फिल्म प्रहार के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी
नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर की भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल तक ट्रेनिंग की थी।
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नाना पाटेकर टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े। उन्हें मानद केप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद तक सेवाएं दीं और 2013 में रिटायर हुए।
कारगिल युद्ध के दौरान भी सेना के साथ रहे
नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से विशेष अनुमति लेकर करीब 2 से 3 सप्ताह यानी 15-20 दिन सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए।
इस दौरान वह द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसे क्षेत्रों में गए। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उन्होंने सेना की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ समय बिताया।
नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि देश के लिए हर व्यक्ति को अपनी तरफ से कुछ न कुछ करना चाहिए। सेना के जवानों के प्रति उनका सम्मान कई मौकों पर सामने आया है। 2016 में उन्होंने कहा था कि उनके लिए देश सबसे पहले है और जवान ही देश के असली हीरो हैं।
