गुजरात के राजकोट में 21 वर्षीय नंदिनी बोसमिया ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की बहन ने लिव-इन पार्टनर असलम पर गहने गिरवी रखने, गम्भीर प्रताड़ना और बहला-फुसलाकर बच्चादानी निकलवाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
एनसीआई@अहमदाबाद
गुजरात के राजकोट शहर से एक बार फिर दिल दहला देने वाली आत्महत्या की घटना सामने आई है। गोंडल रोड पर स्थित परिन फर्नीचर के पास आगमन सिटी में रहने वाली 21 वर्षीय युवती नंदिनी आनंदभाई बोसमिया ने रहस्यमय परिस्थितियों में रात के समय फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
नंदिनी मूल रूप से जेतपुर के नवागढ़ की रहने वाली थी और उसने कॉलेज तक की पढ़ाई पूरी की थी। वह अपने दो बहनों और एक भाई के परिवार में सबसे बड़ी थी। घटना की सूचना मिलते ही राजकोट तालुका पुलिस स्टेशन के एएसआई सलीम भाई माडम पहले घटनास्थल और फिर सिविल अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और फोरेंसिक पोस्टमार्टम करवाया है।
शादीशुदा असलम के साथ लिव-इन में रहती थी नंदिनी
नंदिनी के जूनागढ़ के रहने वाले असलम नाम के एक शादीशुदा युवक से सम्बंध थे। 27 अक्टूबर 2025 को नंदिनी अपने घर से चली गई थी और असलम के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में राजकोट रहने लगी थी। असलम का एक बेटा भी है। दोनों के इस रिश्ते का उनके परिवारों ने भारी विरोध किया था। पारिवारिक विवाद इस हद तक बढ़ गया था कि करीब पांच महीने पहले जूनागढ़ में असलम की पत्नी, मौसी और अन्य रिश्तेदारों सहित पांच लोगों ने नंदिनी पर जानलेवा हमला भी किया था। इस हमले के सम्बंध में जूनागढ़ सी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

सोशल मीडिया पर लिखा: “पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं”
हमले की इस घटना के बाद असलम और नंदिनी पिछले करीब पांच महीनों से राजकोट में एक किराए का कमरा लेकर साथ रह रहे थे। नंदिनी की बहन रूपल ने आरोप लगाया है कि आत्महत्या करने से पहले नंदिनी ने अपने आखिरी मैसेज में बताया था कि उसके सोने-चांदी के सारे गहने असलम ने गिरवी रख दिए हैं। मानसिक रूप से टूट चुकी नंदिनी ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक स्टेटस भी लगाया था, जिसमें उसने लिखा था, “पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं।”
नंदिनी के पिता के अनुसार, असलम और उसका परिवार पिछले काफी समय से नंदिनी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे तंग आकर ही उनकी बेटी ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। फिलहाल, तालुका पुलिस ने पिता का आधिकारिक बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बहन का आरोप: प्रेमी ने बहला-फुसलाकर निकलवा दिया गर्भाशय
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और गम्भीर आरोप मृतका की बहन रूपल ने लगाया है। रूपल के अनुसार, जब नंदिनी अपना घर छोड़कर असलम के साथ रहने गई, तब असलम ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं। असलम ने नंदिनी से कहा था, “मैं पहले से ही शादीशुदा हूं और मेरा एक बच्चा है, इसलिए मुझे भविष्य में कोई दूसरा बच्चा नहीं चाहिए।” यह बात कहकर उसने नंदिनी को बहलाया-फुसलाया, उसे झांसे में लिया और उसका ऑपरेशन करवाकर गर्भाशय (बच्चादानी) ही निकलवा दिया।
पिछले करीब एक महीने से नंदिनी अपनी बहन से अक्सर कहती थी कि असलम और उसके परिवार की प्रताड़ना अब असहनीय हो गई है। वह असलम का साथ छोड़कर अकेले रहने और नौकरी कर नई जिंदगी शुरू करने की योजना बना रही थी, लेकिन वह अपने इस फैसले पर अमल कर पाती, उससे पहले ही भारी मानसिक तनाव के कारण उसने मौत को गले लगा लिया। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है.
नंदिनी बोसमिया ने वर्ष 2025 के पालिका-पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी की ओर से जेतपुर-नवागढ़ नगरपालिका का चुनाव लड़ा था, हालांकि इस चुनाव में उनकी हार हो गई थी। उनके पिता आनंदभाई भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं।
