एनसीआई@कोटा
कोटा शहर की निवासी राईला फातिमा अंसारी को कोटा यूनिवर्सिटी की ओर से उर्दू विषय में प्रसिद्ध सूफी शायर हज़रत सय्यद महमूदुल हसन ‘सौलत’ टोंकी पर सफलतापूर्वक शोध करने पर पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया है। उनकी इस उपलब्धि से शहर के शिक्षाविदों, साहित्यकारों और परिजनों में खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, राईला फातिमा अंसारी ने प्रसिद्ध सूफी शायर हज़रत सय्यद महमूदुल हसन ‘सौलत’ टोंकी (1898–1968) के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर शोध किया। उनके शोध का विषय शायर की साहित्यिक सेवाओं, उर्दू शायरी में योगदान तथा सूफी विचारधारा के विभिन्न आयामों पर केन्द्रित रहा।
डॉ. हुस्न आरा के निर्देशन में किया शोध
यह शोधकार्य राजकीय महाविद्यालय कोटा की पूर्व उर्दू विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. हुस्न आरा के कुशल निर्देशन में पूर्ण हुआ। उनके मार्गदर्शन और शोधार्थी की मेहनत से तैयार यह शोध उर्दू साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है।
राईला फातिमा अंसारी की इस उपलब्धि पर शिक्षकों, उर्दू साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
