विधानसभा में एमएलए का सनसनीखेज दावा: मैंने एक किताब लिखी है, इससे भारत के लोकतंत्र में भूचाल आ जाएगा
एनसीआई@जयपुर
पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह जोजावर ने मंगलवार को विधानसभा में एक किताब लहराई। इस किताब को लेकर सनसनीखेज दावे किए। उन्होंने कहा कि यह किताब मैंने राजस्थान के सियासी संकट पर लिखी है। जिस दिन इस किताब का विमोचन होगा, देश के लोकतंत्र में भूचाल आ जाएगा। इसमें मैं ही गवाह हूं, मैं ही गुनहगार हूं। इसमें मैं ही साक्षी और गुनहगार हूं। इस किताब में मैंने जो लिखा है, सच्चाई को लिखा है
खुशवीर सिंह ने सदन में बजट में बहस के दौरान सीलबंद किताब दिखाते हुए कहा- मैं यह किताब लेकर आया हूं। इसका विमोचन किससे कराऊं? न इधर ऐसा कोई है ना ही उधर। उचित समय आने पर जिला स्तर की ट्रेजरी में इसे रखवाऊंगा। उचित समय आने पर उचित व्यक्ति के हाथ से इसका विमोचन करवाऊंगा। जिस दिन इस किताब का विमोचन होगा, उस दिन देश के लोकतंत्र में भूचाल आ जाएगा।

पिछले तीन-चार साल जैसी घटनाएं होती रहीं तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा
खुशवीर जोजावर ने कहा- इस लोकतंत्र को मैंने बहुत नजदीक से देखा है। मेरे पिता भी विधायक रहे थे। वे 1967 में विधायक थे। मैंने प्रधान से राजनीति शुरू की। जिला प्रमुख भी रहा। इस लोकतंत्र में हम क्या शपथ लेते हैं और क्या संविधान के नीचे हम करते हैं…… यह कोई कह नहीं सकता। मैंने इस 15वीं विधानसभा में अनुभव किया है। हो सकता है, कुछ अनहोनी न हो। मैं दिल खोलकर बात कहूंगा। इस 15वीं विधानसभा में पिछले तीन-चार साल में जो घटनाएं घटी हैं, मैं दावे से कहता हूं कि ये घटनाएं ऐसे ही घटती रहीं तो देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।
एक तरफ हूरों की जन्नत तो दूसरी तरफ परियों की महफिल
खुशवीर सिंह ने कहा- मैंने अनुभव किया है। मैंने एक किताब लिखी है। मेरे उन दिनों की यादें, मेमोरीज ऑफ माइ दोज डेज। इस किताब का विमोचन मैं किससे करवाऊं, मुझे न कोई यहां दिख रहा है, न कोई वहां दिख रहा है। मेरी हालत तो यह हो गई है, मुझे शायरी याद आ रही है। एक शेर है- किधर ले जाऊं मैं दिल, एक तरफ हूरों की जन्नत तो दूसरी तरफ परियों की महफिल।

खुशवीर जोजावर के खिलाफ एसीबी में दर्ज हुई थी प्राथमिकी जांच
जोजावर 2003 से 2008 तक कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं। जुलाई 2020 में सचिन पायलट खेमे की बगावत के वक्त विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश के आरोप में एसीबी ने तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी जांच (PE) दर्ज की थी। इनमें दौसा जिले के महवा से निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला, अजमेर के किशनगढ़ से विधायक सुरेश टांक के साथ मारवाड़ जंक्शन से विधायक खुशवीर सिंह का भी नाम था। बाद में यह केस आगे नहीं बढ़ा था।
राठौड़ का तंज-सब पायलट साहब के आदमी
विधानसभा में बजट बहस के दौरान कांग्रेस विधायकों की कम संख्या को देखकर राजेन्द्र राठौड़ ने तंज कसा। राठौड़ ने कहा- सभापति जी, सदन में सत्ता पक्ष का एक भी आदमी नहीं है। सब पायलट साहब के आदमी बैठे हैं। सभापति जेपी चंदेलिया ने राठौड़ से कहा कि पायलट साहब भी सत्ता पक्ष के ही हैं।
यह किताब के प्रचार का तरीका तो नहीं?
विधायक खुशवीर सिंह के इस तरीके पर आम जनता के अलग-अलग तरीके के रिएक्शन सामने आ रहे हैं। एक पक्ष का यह कहना है कि खुशवीर सिंह ने विधानसभा में जो भी कहा है, वह उनके दिल की पीड़ा है। वहीं दूसरा पक्ष यह भी है कि खुशवीर सिंह ने अपनी किताब का प्रचार करने के लिए विधानसभा को प्लेटफार्म बना लिया। यह जरूर हो सकता है कि उन्होंने इस किताब में जो भी लिखा हो, वह पूरी तरह सत्य हो।
