14 साल के बच्चे को बचाने के चक्कर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरे 30 लोग
मध्य प्रदेश के विदिशा जिल के गंजबासौदा में लाल पठार गांव में कुएं में गिरे लोगों को बचाने का काम जारी है। कुएं में गिरे बच्चों को बचाने के लिए पहुंची भीड़ भी मिट्टी धंसने की वजह से गिर गई थी। अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, वहीं चार लोगों की मौत हो चुकी है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के लाल पठार गांव में गुरुवार देर शाम बड़ा हादसा हो गया। यहां शाम तकरीबन 6 बजे एक कुएं में बच्चे के गिरने के बाद उसे निकालने पहुंचे लोगों की भीड़ की वजह से कुआं भी धंस गया। इसके चलते भीड़ में से काफी लोग उस कुएं के अंदर गिर गए। इनकी संख्या तकरीबन 30 बताई गई है। अब तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने इनमें से 19 लोगों को बाहर निकाल लिया है। कई लोग लापता हैं। चार शव भी बरामद हुए हैं।
कैसा हुआ हादसा
गंजबासौदा के लाल पठार गांव में शाम करीब 6 बजे 14 साल का एक लड़का कुएं में गिर गया। तकरीबन 30 फीट गहरे इस कुएं में 10 से 15 फीट पानी था। बच्चे के गिरने के बाद लोगों की भीड़ उसे बचाने के लिए कुएं के ऊपर पहुंची। कुएं को ऊपर सीमेंटेड स्लेब से ढका हुआ था। लोगों की भीड़ के वजन से अचानक यह स्लेब टूटा ओर कुआं धंस गया। इसके चलते 30 से ज्यादा लोग कुएं में गिर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन के तमाम अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जेसीबी और पोकलेन मशीनों के जरिए राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
शादी स्थल बना कंट्रोल रूम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा में अपनी गोद ली हुईं बेटियों की शादी के मौके पर मौजूद थे। हादसे के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विवाह स्थल को ही कंट्रोल रूम बना दिया। वहीं से पूरे मामले की निगरानी करते हुए उन्होंने आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर. एसपी समेत तमाम अधिकारियों को वहां भेजा। विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद भोपाल से रवाना होकर मौके पर पहुंचे। वे ही वहां राहत और बचाव कार्य निगरानी कर रहे हैं।
मामले की होगी उच्च स्तरीय जांच
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट में करके कहा, ‘पूरी ताकत से प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में लगा हुआ है। मैंने इसी स्थान को कंट्रोल रूम बना दिया है। मैं लगातार सीधे राहत एवं बचाव कार्य दल के सम्पर्क में हूं। बेहतर से बेहतर प्रयास करके हम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं और लोगों को बचाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’
