April 21, 2026

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बेटियों की शादी की उम्र भी होगी 21 साल, केबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

बेटियों की शादी की उम्र भी होगी 21 साल, केबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

एनसीआई@नई दिल्ली

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने के संबंध में एक अहम प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।जल्दी शादी होने पर महिला को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस बाबत कई स्तरों पर मांग उठ रही थी। यहां तक कि यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। इस पर केन्द्रीय केबिनेट ने लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1978 में लड़कियों की शादी की उम्र 15 से बढ़ाकर 18 साल की गई थी। देश में पुरुषों के विवाह की वैध उम्र भी 21 साल ही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर अपने सम्बोधन में इससे सम्बंधित योजना की घोषणा की थी।

रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को केबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सरकार बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 में संशोधन का कानून लाएगी और इसके साथ ही स्पेशल मेरिज एक्ट और पर्सनल लॉ जैसे हिन्दू मेरिज एक्ट 1955 में भी संशोधन होगा।

केन्द्र की टास्क फोर्स ने की थी सिफारिश

जया जेटली की अध्यक्षता में बनी केन्द्र की टास्क फोर्स द्वारा दिसम्बर 2020 में नीति आयोग से की गई सिफारिश के बाद केबिनेट ने इस पर मुहर लगाई है। मां बनने की उम्र से सम्बंधित समस्याएं, मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम करने, पोषण स्तर में सुधार और सम्बंधित मुद्दों की जांच करने के लिए केन्द्र की टास्क फोर्स का गठन किया गया था। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जून 2020 में बनाई गई टास्क फोर्स में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल भी शामिल थे।

सेक्स एजुकेशन का भी सुझाव

टास्क फोर्स ने सुझाव दिया है कि इस फैसले को स्वीकार करने के समाज में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। यह भी कहा गया है कि लड़कियों को स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा मिलनी चाहिए। दूरदराज के इलाकों में शिक्षण संस्थान होने पर परिवहन की भी व्यवस्था की जाए। सिफारिश की गई है कि सेक्स एजुकेशन भी दी जानी चाहिए और उसे स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है।

ताकि बेटी की जल्दी शादी से पहले दो बार सोचें मां-बाप

संदेश साफ है कि अगर लड़की आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती है तो माता-पिता भी उसकी जल्दी शादी करने से पहले दो बार सोचेंगे। हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के सेक्शन 5 (3) के तहत दुलहन की उम्र 18 और दूल्हे की उम्र 21 साल निर्धारित की गई है।

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