बूंदी: 5 वर्षीय कोरोना संदिग्ध बच्ची की मौत, रायथल में थी 8 दिन से भर्ती, बूंदी जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में दम तोड़ा
एनसीआई@बूंदी
पिपलिया गांव निवासी 5 वर्षीय कोरोना संदिग्ध बच्ची की गुरुवार को मौत हो गई। उसे पेट दर्द और खांसी-जुकाम की शिकायत के कारण 12 जनवरी को रायथल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां आज उसकी तबीयत अधिक बिगड़ जाने पर डॉक्टर ने उसे बूंदी जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। मगर यहां पहुंचने से पहले रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टर्स ने मृत बच्ची का कोविड सेम्पल ले लिया है। उन्होंने इसकी मौत कोरोना से होने की आशंका जताई है। उसका 3 दिन से कोरोना संक्रमण का ही इलाज किया जा रहा था। इस मामले में बड़ी लापरवाही रायथल अस्पताल के डॉक्टरों की सामने आई है। उन्होंने संक्रमण की आशंका होने के बावजूद उसका कोविड-19 टेस्ट नहीं करवाया था।
पिपलिया गांव निवासी देव करण की 5 साल की बेटी जानवी की 12 जनवरी को अचानक तबीयत खराब हो गई थी। पेट दर्द और खांसी-जुकाम की शिकायत पर उसे रायथल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। डॉक्टर के इलाज के बावजूद उस पर असर नहीं हो रहा था। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत अधिक बिगड़ जाने पर उसे बूंदी रेफर किया गया था।
अस्पताल के गेट पर जाम में फंसी एम्बुलेंस
रायथल अस्पताल से रेफर की गई बच्ची को एम्बुलेंस में बूंदी अस्पताल लाया गया। मगर यहां मुख्य दरवाजे पर हमेशा की तरह बेतरतीब खड़े वाहनों से बने जाम के हालात के कारण एम्बुलेंस फंस गई। करीब दस मिनट बाद वह यह से निकल कर अंदर जा सकी। यह अलग बात थी कि बच्ची की पहले ही मौत हो चुकी थी।
कोरोना की आशंका, सेम्पल जांच के लिए भेजा
बच्ची की केस हिस्ट्री से इसकी मौत कोरोना से होने की आशंका है। सेम्पल लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
-डॉ. गोविंद गुप्ता, शिशु रोग विशेषज्ञ
