राजस्थान में सीएम योगी बोले- सनातन ही भारत का राष्ट्रीय धर्म, अगले साल तैयार हो जाएगा भव्य राम मंदिर
एनसीआई@जालोर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि इस धार्मिक आयोजन में जिस प्रकार जाति, मजहब और धर्म के भेदभाव को छोड़कर आपसी एकता देखने को मिल रही है, इसे सबको दैनिक जीवन में स्वीकार करना होगा। हमारा सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि हम सब अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर इस राष्ट्रीय धर्म के साथ जुड़ते हैं, ताकि हमारा देश सुरक्षित हो, हमारे मानबिंदुओं की पुर्नस्थापना हो और गो-ब्राह्मण की रक्षा हो। आप सबका धर्म के प्रति यही उत्साह हमें पूरी मजबूती के साथ धर्म के पथ पर चलते हुए अपने कार्यों के निर्वहन करने की एक नई प्रेरणा प्रदान करता है। इस दौरान केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के साथ सीएम योगी ने रुद्राक्ष का पौधरोपण भी किया।
धर्म स्थलों की पुनर्स्थापना का अभियान चले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर किसी काल खंड में हमारे धर्मस्थलों को अपवित्र किया गया है तो उनकी पुर्नस्थापना का अभियान चले। इस अभियान का क्रम अयोध्या में पांच सौ वर्षों के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास से भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य के रूप में दिख रहा है। आप सभी श्रद्धालुओं ने भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण में अपना योगदान दिया। आज भारत की भावनाओं के अनुरूप भारत का राष्ट्रीय मंदिर भगवान राम के भव्य मंदिर के रूप में स्थापित हो रहा है।
अगले साल भगवान राम का भव्य मंदिर तैयार हो जाएगा
योगी ने कहा कि 14 सौ साल पुराना नागभट्ट द्वारा स्थापित भगवान नीलकंठ का यह पवित्र स्थल हम सबको अभिभूत करता है। मुझे अभी महाकवि नागभट्ट की प्रतिमा पर माल्यार्पण का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। मुझे प्रसन्नता है कि पिछले 15 वर्षों से राव मुक्त सिंह ने जिस संकल्प को लिया था, आज वह भव्य मंदिर के रूप पूरा हुआ। इस भव्य मंदिर में राजस्थान वासियों सहित पूरे देश के श्रद्धालुओं को भगवान नीलकंठ के पवित्र शिवालय के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। वहीं अगले एक वर्ष में भगवान राम का भव्य मंदिर तैयार हो जाएगा। उससे पहले मुझे राजस्थान के इस भव्य मंदिर के पुर्नोद्धार का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अब इस मंदिर की भव्यता को बनाए रखने की जिम्मेदारी आप सबकी है।
