गुरु ग्रंथ साहिब विवाद: महामंडलेश्वर को सोशल मीडिया पर मिली धमकी, सुरक्षा बढ़ाई
एनसीआई@भीलवाड़ा
इंदौर में सिंधी समाज के मंदिरों में श्री गुरू ग्रंथ साहिब को अन्य मूर्तियों के साथ रखने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। देशभर में सिंधी समाज ने सनातनी मंदिरों व आश्रम से श्री गुरू ग्रंथ साहिब को गुरुद्वारों को ससम्मान लौटा दिया। इसके बाद भी सिंधी संतों को धमकियां मिल रही हैं।
मामला भीलवाड़ा में सामने आया है। जहां सनातन आश्रम हरी सेवा धाम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन को सोशल मीडिया पर गुरू गोविंदसिंह की फौज नामक संगठन द्वारा सजा मिलने की धमकियां मिल रही हैं। इन धमकियों को लेकर सनातन सम्प्रदाय से जुड़े लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। इस मामले की शिकायत सिंधी समाज ने सोमवार को एसपी आदर्श सिद्धू से की। इसके बाद महामंडलेश्वर की सुरक्षा के लिए आश्रम के बाहर पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए।
इधर, सोमवार को इस मामले को लेकर श्री हरी सेवा धाम रिलिजियस एंड चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से संत मायाराम, संत गोविंद राम, सनातन मंदिर के सचिव हेमंत कुमार व हरी सेवा उदासीन आश्रम मंदिर के ट्रस्टी कन्हैयालाल मोरियानी ने जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर महामंडलेश्वर की जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिसकर्मी लगाए गए
भीमगंज थाना प्रभारी आशुतोष ने बताया कि महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन की शिकायत के बाद आश्रम में जाकर घटना की जानकारी ली। साथ ही उनकी सुरक्षा के चार पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए।
25 जनवरी को लौटाए थे गुरु ग्रंथ साहिब
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने बताया कि इंदौर जैसा कोई विवाद भीलवाड़ा में न हो, इसलिए भीलवाड़ा में हरि सेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के संत समाज ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप गुरुद्वारे में 25 जनवरी को ही सौंप दिए थे।
यह चल रहा है विवाद
दरअसल, कुछ दिन पहले सिख समाज की संस्था शिरोमणि पंथ अकाली बूढा दल के निहंग का एक समूह इंदौर की पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित एक सिंधी मंदिर पहुंचा था। निहंग समूह ने कहा कि यहां श्री गुरुग्रंथ साहिब की मर्यादा का पालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए वे ग्रंथ साहिब को देखना चाह रहे थे, लेकिन मंदिर बंद होने के कारण उन्हें पुजारी ने अगले दिन आने को कहा। इस दौरान विवाद की स्थिति बनी और घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं राजमहल कॉलोनी में एक सिंधी गुरुद्वारे पर निहंग कमेटी का जत्था पहुंचा था। जहां से वे श्री गुरुग्रंथ साहिब ले गए। इस घटना का वीडियो देशभर में फैल गया।
