April 21, 2026

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खालिस्तानी अमृतपाल फरार, उसके 78 साथी गिरफ्तार, पंजाब में इंटरनेट बंद

खालिस्तानी अमृतपाल फरार, उसके 78 साथी गिरफ्तार, पंजाब में इंटरनेट बंद

एनसीआई@जालंधर

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल कि पहले आई गिरफ्तारी की खबर बाद में गलत साबित हुई। ‌ पुलिस के हवाले से बताया गया कि अमृतपाल फरार हो चुका है, मगर उसके 78 साथियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। वहीं, इससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं, क्योंकि पहले पुलिस के सूत्रों ने ही बताया था कि अमरपाल को हिरासत में ले लिया गया है। उसे उसके छह साथियों के साथ जालंधर के नकोदर इलाके से गिरफ्तार करने की बात सामने आई थी। उस समय ये सभी मोगा की ओर जा रहे थे। यह गिरफ्तारी अजनाला थाने पर हमले से जुड़े केस में हुई मानी गई थी। पता चला है कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय पंजाब सरकार के सम्पर्क में है। पुलिस की सहायता के लिए अर्धसैनिक बल को अलर्ट पर रखा गया है। पूरे पंजाब में कल रविवार दोपहर 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सर्विस को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही जालंधर में स्थित अमृतपाल के पैतृक गांव को भी पुलिस ने घेर लिया है।

वहीं, पंजाब पुलिस के घेरा डालते ही अमृतपाल खुद गाड़ी में बैठकर लिंक रोड से होते हुए भागता नजर आया था। इस पर पुलिस की करीब 100 गाड़ियां उसके पीछे लग गईं थीं। तब उसे पकड़ने में सफलता मिलने की बात सामने आई थी। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही पूरे पंजाब में इंटरनेट बंद कर दिया था। पंजाब पुलिस की घेराबंदी के बाद गाड़ी में बैठकर भागते अमृतपाल सिंह का वीडियो सामने आया था।

अजनाला थाने पर हमला करते अमृतपाल और उसके समर्थक। (फाइल फोटो)
अजनाला थाने पर हमला करते अमृतपाल और उसके समर्थक। (फाइल फोटो)

खालिस्तान समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख अमृतपाल के खिलाफ 3 केस दर्ज हैं। इनमें से दो मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि अपने एक करीबी की गिरफ्तारी से नाराज होकर अमृतपाल ने 23 फरवरी को हजारों समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। इस केस में उस पर कार्रवाई नहीं होने के चलते पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी।

जालंधर-मोगा पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन

शनिवार को अमृतपाल ने जालंधर-मोगा नेशनल हाईवे पर शाहकोट-मलसियां इलाके और बठिंडा जिले के रामपुरा फूल में कार्यक्रम रखे थे। शाहकोट-मलसियां इलाके में उसके प्रोग्राम के लिए समर्थक सुबह से ही जुटने लगे थे। इस प्रोग्राम से पहले ही जालंधर और मोगा पुलिस ने गुपचुप तरीके से जॉइंट ऑपरेशन कर अमृतपाल को गिरफ्तार करने की रणनीति बना ली थी। इसके लिए आसपास के कई जिलों से रातोंरात पुलिस फोर्स बुलाई गई। जालंधर-मोगा नेशनल हाईवे पर सुबह से ही भारी नाकेबंदी कर दी गई थी।

शनिवार दोपहर करीब एक बजे जैसे ही अमृतपाल का काफिला जालंधर के मैहतपुर कस्बे के नजदीक पहुंचा, पुलिस ने घेरा डाल लिया। काफिले में सबसे आगे चल रही 2 गाड़ियों को पहले टक्कर मार कर उसमें सवार 6 लोगों को पकड़ने की जानकारी सामने आई थी। यह भी सामने आया था कि अमृतपाल की मर्सिडीज कार काफिले में तीसरे नम्बर पर थी। पुलिस को देखकर उसका ड्राइवर गाड़ी लिंक रोड की तरफ मोड़कर भगा ले गया। इस पर जालंधर और मोगा पुलिस उसके पीछे लग गई थी। इसके बाद उसने पुलिस को चकमा देने के लिए गाड़ी भी बदली, मगर वह बच नहीं सका था।

अमृतपाल ने की थी समर्थकों से इकट्‌ठा होने की अपील

पुलिस को गिरफ्तार किए गए अमृतपाल के 6 साथियों से काफी हथियार मिले हैं। इन्हें जालंधर के मैहतपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान अमृतपाल का कार में बैठकर भागते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में अमृतपाल गाड़ी की अगली सीट पर बैठा नजर आ रहा है और अपने समर्थकों से इकट्‌ठा होने की अपील कर रहा है। गाड़ी में मौजूद अमृतपाल के समर्थक यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि पुलिस उनके पीछे लगी हुई है।

सोशल मीडिया पर लाइव हुआ अमृतपाल का करीबी

अमृतपाल के करीबी भगवंत सिंह उर्फ बाजेके को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मोगा के रहने वाले भगवंत सिंह को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह अपने खेतों में पशुओं के लिए चारा काट रहा था। पांच गाड़ियों में पहुंचे पुलिसवालों ने खेतों में घेरा डालकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस को देखते ही भगवंत सिंह सोशल मीडिया पर लाइव हो गया और अपनी तरफ बढ़ रहे पुलिसवालों को दिखाने लगा।

भगवंत सिंह के खिलाफ हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डालने का केस दर्ज हो चुका है। वह पंजाब सरकार के खिलाफ और अमृतपाल के हक में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालता रहा है।

अजनाला थाने पर किया था हमला

गौरतलब है कि पिछले महीने 23 फरवरी को खालिस्तान समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े हजारों लोगों ने अमृतसर के अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। इनके हाथों में बंदूकें और तलवारें थीं। ये लोग संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के करीबी लवप्रीत सिंह तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। इनके हमले के बाद दबाव में आई पंजाब पुलिस ने आरोपी को रिहा करने का ऐलान कर दिया था।

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