फसल खराब होने से सदमे में आए किसान की कीटनाशक पीने से मौत, बेटे-बेटी की शादी के लिए उधार लिए थे 8 लाख रुपए
एनसीआई@बूंदी
जिले में रह-रहकर हो रही बारिश के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। इससे उन्हें खून के आंसू पीकर रहना पड़ रहा है। उनके लिए लागत निकालना तक मुश्किल हो रहा है। तालेड़ा पंचायत समिति के बाजड़ गांव निवासी एक किसान की इस बारिश से तीन बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। इससे बुरी तरह सदमे में आए इस किसान ने कीटनाशक पीकर जान दे दी।
तालेड़ा थानाधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि पृथ्वीराज बैरवा (60) निवासी बाजड़ गांव ने अपने 3 बीघा खेत में गेहूं की फसल लगा रखी थी। पिछले दिनों हुई बारिश से फसल खराब हो गई। इससे वह सदमे में आ गया।
पृथ्वीराज शनिवार सुबह करीब 10 बजे अपने खेत पर गया था। वहीं उसने कीटनाशक पी लिया। पड़ोसी खेत वालों ने किसान के परिजनों को सूचना दी। वे उसे तालेड़ा अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रेफर कर दिया। कोटा अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार तड़के करीब 3 बजे पृथ्वीराज ने दम तोड़ दिया। किसान पृथ्वीराज बैरवा के बेटे मनीष बैरवा (29) ने इस मामले में पुलिस को रिपोर्ट दी है।

पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह पृथ्वीराज बैरवा के बेटे मनीष (29) ने फसल खराब होने और कर्ज ज्यादा होने के कारण पिता के सुसाइड करने की रिपोर्ट दी है। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया। रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
मृतक किसान के बेटे ने यह दी जानकारी
इधर, मनीष ने बताया कि दोनों भाई और बहन की शादी के लिए पिता ने करीब 8 लाख रुपए कर्जा ले रखा था। इस कर्ज के अलावा फसल खराब होने से वो सदमे में थे। मनीष ने बताया कि पिता पृथ्वीराज ही घर का खर्चा चला रहे थे। वह और उसका भाई रामनारायण (37) कोटा में मजदूरी करते हैं। बहन की शादी के लिए पिता ने कर्जा लिया था, जो नहीं चुका पाए थे। इस बार खेत में खड़ी फसल से काफी उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बरसात से वह भी खराब हो गई।
