घूस के आरोपी अफसर की आत्महत्या मामले में नया मोड़, भाई का आरोप-हत्या की गई, अस्पताल पहुंचे सीबीआई अधिकारियों से धक्का-मुक्की
एनसीआई@बीकानेर/राजकोट
गुजरात के राजकोट में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) जवरीमल बिश्नोई के सुसाइड मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। बिश्नोई के घरवालों ने हत्या का आरोप लगाया है। कहा गया है कि जिस खिड़की से बिश्नोई के कूदने की बात कही जा रही है, वहां से कोई सामान्य आदमी नहीं कूद सकता। इधर, हॉस्पिटल पहुंचे सीबीआई के अफसरों के साथ लोगों ने धक्का-मुक्की की। जवरीमल मूल रूप से बीकानेर के खाजूवाला के रहने वाले थे।

दरअसल, शुक्रवार को 5 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़े गए जवरीमल बिश्नोई शनिवार को गुजरात के राजकोट में DGFT की बहुमंजिला इमारत से कूद गए थे। इसके बाद जवरीमल की अस्पताल में मौत हो गई थी।
सीबीआई के समक्ष जॉइंट डायरेक्टर बिश्नोई के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायत हुई थी। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने मामले में कार्रवाई के लिए जाल बिछाया था। शनिवार को रेड के दौरान सीबीआई टीम को देखकर बिश्नोई के घरवालों ने रुपए अलग-अलग पोटली में बांधकर फ्लेट से नीचे फेंक दिए थे।

घरवाले बैठे धरने पर
जवरीमल की मौत के बाद उसके भाई संजय गिला राजकोट के सिविल अस्पताल के आगे धरने पर बैठ गए। राजस्थान और बीकानेर से जुड़े लोग अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए हैं। इन लोगों ने सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दे रखा है।
सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के निर्देशन में जांच हो
संजय कुमार ने कहा कि सीबीआई अधिकारियों ने मिलकर मेरे भाई की हत्या कर दी है। जिस खिड़की से जवरीमल का कूदना बताया गया है, वहां से कोई सामान्य आदमी कूद नहीं सकता। खिड़की में देखकर आया हूं। अगर इसमें सच्चाई है तो सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के निर्देशन में जांच होनी चाहिए। सीबीआई के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। उधर, इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं।
कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा
संजय कुमार ने बताया- घटना के चौबीस घंटे बाद भी भारतीय विदेश व्यापार मंत्रालय का कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। इसी कारण अब तक पोस्टमाॅर्टम भी नहीं हो पाया है। कुछ अफसर उन पर मृतक की शिनाख्त करने का दबाव डाल रहे हैं, जबकि हम पहले एफआईआर की मांग कर रहे हैं।

कोई बड़ा स्केंडल निकलेगा
संजय कुमार का कहना है कि- इस पूरे मामले में बड़ा स्केंडल सामने आएगा। बशर्ते मामले में सीबीआई अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि सब कुछ स्पष्ट हो सके।
नोखा विधायक ने लिखा पत्र
उधर, नोखा के विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। बिश्नोई ने कहा- चौथी मंजिल से कूदकर सुसाइड करना बताया गया है, जबकि ये अविश्वसनीय है। उन्हें जरूरत से ज्यादा टॉर्चर किया गया था।
शुक्रवार को तीन बजे से बिश्नोई सीबीआई के कब्जे में थे, ऐसे में वो सुसाइड कैसे कर सकते हैं। विधायक ने दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है। बिहारीलाल ने पत्र की कॉपी गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल को भी भेजी है। विधायक ने बताया कि कमिश्नर से बातचीत में न्यायिक जांच का आश्वासन दिया गया है।
वकील ने कहा- ये हत्या है
मृतक के दोस्त और सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिजीत मिश्रा ने भी इसे हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। अभिजीत का कहना है कि उनके मित्र इतने बड़े पद पर रहते हुए सुसाइड जैसा कृत्य नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी बड़े व्यापारी को बचाने के चक्कर में सीबीआई ने मिलकर बिश्नोई को मारा है।
क्या है पूरा मामला
सीबीआई के समक्ष जॉइंट डायरेक्टर बिश्नोई के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायत हुई थी। इस पर केन्द्रीय जांच एजेंसी ने मामले में कार्रवाई के लिए जाल बिछाया। शुक्रवार को जॉइंट डायरेक्टर बिश्नोई पांच लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़े गए। मामला एक व्यापारी की 50 लाख की बैंक गारंटी मुक्त करवाने का था।
