नर्सेज एसोसिएशन की मांग- दवा लिखने का दिया जाए अधिकार, मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को दिया ज्ञापन
एनसीआई@बूंदी
राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत आज सोमवार को जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया गया। संगठन के संभागीय संयोजक अनीस अहमद के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में नर्सेज को दवा लिखने का अधिकार दिए जाने की मांग की गई है।
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जिला नर्सेज एसोसिएशन की संयोजक नगीना सोनी ने बताया कि दवा लिखने का अधिकार नहीं होने के कारण नर्सेज को ग्रामीण क्षेत्रों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पूर्व में नर्सेज को दवा लिखने का अधिकार था, उसे फिर बहाल किया जाए। जिन ग्रामीण चिकित्सा केन्द्रों पर चिकित्सक नहीं हैं, वहां नर्सेज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से जबरन दवा वितरण करवाया जाता है, जो गैरकानूनी है।
ज्ञापन देने वालों में जिला संयोजक नगीना सोनी, एएनएम एलएचवी संघ की जिला संयोजक ममता शर्मा, नर्सेज ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गा शंकर मीणा, दिनेश, नवेद, मुकेश मीणा, आरिफ, जितेन्द्र, चंदेल व हनीफ शामिल रहे।
विशेष टिप्पणी
नर्सेज एसोसिएशन की मांग गलत भी नहीं है। क्योंकि राजस्थान भर में जगह-जगह झोलाछाप डॉक्टर, प्रशिक्षित डॉक्टरों के अभाव में धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। गांव की बात तो अलग, प्रदेश की प्रसिद्ध कोचिंग सिटी कोटा शहर तक में यह हालात हैं। पिछले दिनों हमारे यूट्यूब चैनल News Chakra India ने स्टिंग ऑपरेशन कर इस बात का बहुत बड़ा खुलासा किया था।
अगर नर्सेज को वापस दवा लिखने का अधिकार मिल जाता है तो विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बहुत अधिक राहत मिलेगी। उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों के हाथों अपनी जिंदगी को दाव पर नहीं लगाना पड़ेगा, जो भी काफी महंगा होता है। सरकार को वास्तव में इसके बारे में शीघ्र गम्भीरता से विचार-विमर्श कर सकारात्मक फैसला लेना चाहिए। इससे लोगों को भी काफी राहत मिलेगी। लड़खड़ाया हुआ चिकित्सा तंत्र काफी हद तक संभल जाएगा। मगर यहां यह भी आवश्यक है कि सभी नर्सेज को अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करना चाहिए, काफी नर्सिंगकर्मी, डॉक्टर्स की तरह बहुत अधिक लापरवाही बरतते हैं।
