कांग्रेस नेता ने की थी भाजपा नेता के टिकट की सिफारिश, इस खुलासे से ऐसा मचा बवाल
एनसीआई@बीकानेर
यहां कांग्रेस के दो दिग्गज आमने-सामने हो गए हैं। केबिनेट मंत्री गोविन्द राम मेघवाल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के बीच खींचतान सामने आई है। विवाद रामेश्वर डूडी के उस बयान से हुआ है, जिसमें उन्होंने पिछले चुनाव में भाजपा नेता डॉ. विश्वनाथ को टिकट देने की सिफारिश करने की बात कही थी। इस मामले में अब खाजूवाला विधायक गोविन्द राम मेघवाल ने आलाकमान से शिकायत कर दी है।
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दरअसल, शुक्रवार को नोखा में शहीद कालूराम मेघवाल के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम को डूडी सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में मेघवाल समाज के नेता मौजूद थे। इस दौरान डूडी ने कहा- एक चुनाव में डॉ. विश्वनाथ मेघवाल का टिकट कट सकता था। ऐसे में उन्होंने ही भाजपा नेता ओंकार सिंह लखावत से कहा था कि अगर डॉ. विश्वनाथ का टिकट काटा गया तो खाजूवाला से भाजपा को कुछ नहीं मिलने वाला है। इसके बाद डूडी ने डॉ. विश्वनाथ की मंच से जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि डॉ. विश्वनाथ अच्छे इंसान हैं।
डूडी के इस बड़े खुलासे से गोविन्द राम मेघवाल नाराज हैं, उखड़े हुए हैं। गोविन्द राम मेघवाल ने कहा- मामले की जानकारी आलाकमान को दी गई है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि रामेश्वर डूडी न सिर्फ खाजूवाला, बल्कि जिले की सातों विधानसभा सीटों पर इसी तरह करते हैं। मेघवाल का कहना था कि उन्हें ज्यादा बोलने के लिए मना किया गया है, इसलिए फिलहाल इस मुद्दे पर इतनी ही बात कहेंगे।
इस बारे में रामेश्वर डूडी ने कहा- मैंने सिर्फ डॉ. विश्वनाथ को अच्छा आदमी बताया था। बात तब की है जब खुद गोविन्द राम कांग्रेस में नहीं थे, निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। बाकी भाजपा वालों ने इस वीडियो को एडिट किया है। मेरे कहने से ही टिकट देते तो मैं जिसे चाहता उसे मेरे सामने खड़ा करवा लेता। भाजपा विधायक बिहारी लाल बिश्नोई भी इस दौरान सभा में उपस्थित थे।
डूडी ने सामान्य तरीके से कहा: डॉ. विश्वनाथ
इस बारे में डॉ. विश्वनाथ ने कहा- नोखा के कार्यक्रम में हम दोनों एक ही मंच पर थे। सामान्य तरीके से डूडी ने कहा था। ऐसा नहीं है कि उन्होंने मुझे टिकट दिलवाया था। तब खुद गोविन्द राम तो कांग्रेस में ही नहीं थे।
पहले से ही चली आ रही है अदावत
दरअसल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी और केबिनेट मंत्री गोविन्द राम मेघवाल के बीच में पहले भी विवाद होते रहे हैं। दोनों नोखा विधानसभा में राजनीति करते थे। मेघवाल नोखा से ही विधायक बनकर भाजपा राज में संसदीय सचिव बने थे। इसके बाद वो कांग्रेस के टिकट पर खाजूवाला से चुनाव लड़े। दोनों सार्वजनिक तौर पर एक दूसरे का विरोध करते रहे हैं।
जिला परिषद चुनाव में भी आमने-सामने
हाल ही में बीकानेर जिला परिषद के चुनाव में जब कांग्रेस ने बढ़त पाई थी तो गोविन्द राम अपनी बेटी सरिता चौहान को जिला प्रमुख का चुनाव लड़ाना चाहते थे, मगर डूडी ने अपने समर्थक मोडाराम को टिकट दिलवा दिया। स्वाभाविक रूप से इससे भी दोनों के सम्बन्धों में और अधिक कड़वाहट आ गई थी
दोनों केबिनेट स्तर के नेता
गोविन्द राम मेघवाल पिछले विधानसभा चुनाव में जीते थे। उन्हें गहलोत सरकार के पहले केबिनेट फेरबदल में मंत्री बनाया गया। वहीं, रामेश्वर डूडी काे हाल ही में राजस्थान स्टेट एग्रो डेवलपमेंट बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है। उन्हें भी केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है। डूडी की छवि जाट नेता के रूप में है, वहीं, मेघवाल दलित नेता हैं। दोनों का खुद की विधानसभा के अलावा जिले की अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी प्रभाव है।
