April 21, 2026

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पायलट बोले-गहलोत की नेता वसुंधरा, सोनिया नहीं, सीएम ने भ्रष्टाचार पर एक्शन नहीं लिया, अब 11 से पदयात्रा करूंगा

पायलट बोले-गहलोत की नेता वसुंधरा, सोनिया नहीं, सीएम ने भ्रष्टाचार पर एक्शन नहीं लिया, अब 11 से पदयात्रा करूंगा

सूत्रों से पता चला है कि सचिन पायलट ने पूर्व घोषित यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अपने हाईकमान की मनाही के बावजूद की है। इस प्रकार स्पष्ट है कि वह अपने आरोपों पर कार्रवाई नहीं होने से कितने व्यथित हैं।

एनसीआई@जयपुर

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच की लड़ाई अब आरपार के उस मुकाम पर जा पहुंची है, जहां कुछ ना कुछ बड़ा परिणाम निकले बिना नहीं रहेगा। सचिन ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गहलोत के आरोपों पर खुलकर जवाब ही नहीं दिया, अपितु उन पर तगड़े पलटवार भी किए।

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सचिन ने कहा, ‘पहली बार देख रहा हूं कि कोई अपनी ही पार्टी के सांसदों और विधायकों की आलोचना कर रहे हैं। भाजपा नेताओं की तारीफ और कांग्रेस नेताओं का अपमान मेरी समझ से बाहर है। यह पूरी तरह गलत है।’

‘मुख्यमंत्री की बातों से लगता है कि उनकी नेता वसुंधरा राजे हैं, सोनिया गांधी नहीं। अपने नेताओं को खुश करने के लिए बहुत सारे लोग बहुत सारी बातें करते हैं, चुगली करते हैं। ऐसी बातें मुझसे भी की जाती हैं, लेकिन मैं मंच पर ये कहूं तो यह शोभा नहीं देता है।’

अब मैं नाउम्मीद हूं

•पायलट ने कहा, ‘हमने दिल्ली जाकर अपनी बात कही। वसुंधराजी के भ्रष्टाचार पर कई महीनों से चिट्ठियां लिखीं। अनशन पर बैठा। अब भी जांच नहीं हुई। समझ में आ रहा है, क्यों एक्शन नहीं लिया। अब मैं नाउम्मीद हूं। जनता ही भगवान है।’

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•’जनता के सामने सभी को नतमस्तक होना रहेगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ 11 मई को अजमेर से जयपुर तक यात्रा निकालेंगे। 125 किलोमीटर लम्बी पैदल यात्रा होगी और इसमें 5 दिन का वक्त लगेगा।’

गहलोत ने अमित शाह का कथित पैसा वापस लौटाने की सलाह दी थी

गहलोत ने रविवार को धौलपुर में पायलट केम्प के विधायकों पर सियासी संकट के वक्त अमित शाह से 10 से 20 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाते हुए, उन्हें अमित शाह का यह कथित पैसा वापस लौटा देने की सलाह भी दी थी।

गहलोत ने कहा था -अमित शाह, धर्मेन्द्र प्रधान और गजेन्द्र सिंह शेखावत इन सबने मिलकर हमारी सरकार को गिराने का षड्यंत्र किया। राजस्थान में विधायकों को पैसे बांट दिए। यह लोग पैसा वापस नहीं ले रहे हैं। मुझे चिंता लगी हुई है, ये वापस पैसा क्यों नहीं ले रहे हैं? यह पैसा वापस क्यों नहीं मांग रहे हैं?

पूरा राजनीतिक जीवन पैसे के दम पर पनपा, हर चीज में पैसा दिखाई देता है

शाह से पैसे लेने के गहलोत के आरोपों पर पायलट ने कहा- ‘किसी पर भी आरोप लगा दो कि हजार करोड़ खा गया, एक लाख करोड़ खा गया, इसका कोई मतलब नहीं है। अगर पब्लिक लाइफ में किसी के पास कोई तथ्य, प्रमाण है तो कार्रवाई कर देनी चाहिए थी। अब तक वह क्यों नहीं की गई? जिन लोगों का पूरा राजनीतिक जीवन सिर्फ पैसे के दम पर पनपा हो, शायद उनको हर चीज में पैसा दिखाई देता है। ऐसा नहीं है, पब्लिक जज्बात और इमेज भी कोई चीज होती है। जिन लोगों की राजनीति सिर्फ पैसे के दम पर चलती आई हो, उन्हें अगर हर चीज में पैसा दिखता हो तो इसका मेरे पास कोई इलाज नहीं है।

जिन विधायकों ने बनाया सीएम, आप उन्हें ही बदनाम कर रहे

सचिन ने कहा- मेरे पर अगर कोई अंगुली उठा सकता है तो बता दें। हम भी बड़े-बड़े पदों पर रहे हैं। इस तरह के आरोप लगाने से कोई किसी का लाभ नहीं होने वाला। आरोप मैं भी लगा सकता हूं। जुबान खोलने में किसी को क्या दिक्कत है ? लेकिन हम संयमित रहे। तमाम गालियां खाने के बाद भी हमने पार्टी का अनुशासन नहीं छोड़ा। आरोप लगाना आसान होता है, लेकिन पब्लिक को जवाब देना मुश्किल होता है। कांग्रेस के विधायकों, जिनके दम पर हम मुख्यमंत्री बने हैं, सोनिया गांधी जिनके आशीर्वाद से हम मुख्यमंत्री बने, आप उन्हीं को बदनाम कर रहे हैं। उन्हीं की आलोचना कर रहे हैं, उन्हीं को बदनाम कर रहे हैं तो छह महीने बाद क्या पब्लिक आपसे सवाल नहीं पूछेगी? ऐसे निराधार आरोप गम्भीर राजनीति का परिचय नहीं हैं।

एक तरफ कह रहे, बीजेपी सरकार गिरा रही, दूसरी तरफ कहा जाता है कि वसुंधराजी बचा रहीं

पायलट ने कहा- परसों धौलपुर में मुख्यमंत्री जी का भाषण हुआ। उस भाषण को सुनने के बाद यह लगता है कि मुख्यमंत्री की नेता सोनिया गांधी नहीं हैं, बल्कि उनकी नेता वसुंधरा राजे सिंधिया हैं। एक तरफ यह कहा जा रहा है कि बीजेपी हमारी सरकार को गिरा रही थी, दूसरी तरफ कहा जाता है कि सरकार को बचाने का काम वसुंधराजी कर रही थीं। यह जो विरोधाभास है, इसको समझाना चाहिए। आप कहना क्या चाह रहे हैं? यह स्पष्ट कर देना चाहिए।

मुझ पर देशद्रोह के मुकदमे में कार्रवाई की कोशिश की, हम सीएम बदलना चाहते थे

सचिन ने कहा, आपको पता है, सरकार बनने के बाद मैं उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष था। 2020 में मुझ पर राष्ट्रद्रोह के मुकदमे में कार्रवाई करने की कोशिश की गई। अनेक ऐसे प्रकरण हुए। मैं और मेरे साथी सरकार में नेतृत्व परिवर्तन करना चाहते थे और अपनी बात लेकर दिल्ली गए थे। हमने अपनी बातों को रखा। उसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने लगातार चर्चा की और अहमद पटेल के माध्यम से सबसे मुलाकात की। एआईसीसी ने कमेटी का गठन किया, जिसमें माकन और वेणु गोपाल जी सदस्य थे। उस कमेटी ने हम सबकी बातें सुनी। उस कमेटी के बाद हम सबने लगातार कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए काम किया, जी-जान से कोशिश की और मेहनत की। ढाई साल का जो कार्यकाल निकला, इस बात का प्रतीक है अनुशासन तोड़ने का काम कभी भी किसी ने नहीं किया।

मुझे कोरोना, गद्दार, निकम्मा कहा गया, वहीं बीजेपी नेताओं का गुणगान

पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे बहुत कुछ कहा गया, कोरोना, गद्दार निकम्मा तक। ढाई साल से इन आरोपों सुन रहा था, लेकिन हम अपनी पार्टी और अपनी सरकार की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे। जिस प्रकार का भाषण दिया गया, यह पहली बार नहीं हुआ। अपने विधायकों और अपने नेताओं को बेइज्जत, बदनाम करने का काम हो रहा है। बीजेपी के नेताओं का गुणगान हो रहा है, यह समझ से परे है। इस प्रकार का काम बहुत गलत है।

बेबुनियाद और झूठे आरोपों को सिरे से नकारता हूं

मानेसर जाने के मामले में पायलट ने कहा, हम सब लोग अपनी बात को रखने के लिए दिल्ली गए थे। ऐसे लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं जो पिछले 40 साल से सार्वजनिक जीवन में हैं, जिनका बेदाग जीवन रहा है, जिनका जीवन मिसाल रहा है। तीन दिन पहले में बाड़मेर में था। हेमाराम चौधरी 1980 से विधायक हैं, उनकी क्या छवि है, उनकी क्रेडिबिलटी क्या है, यह लोगों से पूछिए। हेमाराम चौधरी ने अपने दिवंगत बेटे की याद में 100 करोड़ की जमीन को हॉस्टल बनाने के लिए दान दिया है। इन लोगों पर इस तरह के आरोप लगा देना कि चंद पैसे में बिक गए, बहुत गलत है। मैं इन बेबुनियाद और झूठे आरोपों को सिरे से नकारता हूं।

नाउम्मीद हूं, पता लग गया- पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई, आगे क्यों नहीं होगी?

पायलट बोले, पिछले डेढ़ साल से मैं चिट्ठी लिख रहा हूं। वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हमने तमाम गम्भीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनकी जांच क्यों नहीं हो पा रही है? अब मुझे समझ में आ रहा है कि अब तक जांच क्यों नहीं हुई? मेरे चिट्ठी लिखने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। मैं इस मांग को लेकर 11 अप्रेल को अनशन पर बैठा। अब मैं नाउम्मीद हूं, क्योंकि तथ्य सामने आ रहे हैं, कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और क्यों नहीं होगी, यह बात भी साफ है। इसलिए मैं ऐसा मानता हूं, जनता ही भगवान है। मैंने करप्शन के खिलाफ पहले भी आवाज उठाई और आगे भी उठाता रहूंगा।

पांच दिन में जयपुर पहुंचेगी जनसंघर्ष यात्रा

पायलट ने कहा, जब-जब भी मैं वसुंधरा जी के करप्शन की बात करता हूं, पेपर लीक से लाखों बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा, उसका कोई जवाब नहीं आया। इसलिए मैंने 11 मई से अजमेर से जनसंघर्ष यात्रा निकालने का फैसला किया है। यह यात्रा सरकार के खिलाफ नहीं, करप्शन के खिलाफ है। अजमेर के आरपीएससी से पेपरलीक हुए, इसलिए वहीं से यात्रा की शुरुआत होगी। पांच दिन में यात्रा अजमेर से जयपुर पहुंचेगी। करीब 125 किलोमीटर की यात्रा होगी। निर्णय तब लिए जाएंगे, जब जनता का हमारा साथ होगा। यह यात्रा किसी के विरोध में ना होकर करप्शन के विरोध में है, नौजवानों के पक्ष में है।

कई लोग चाहते हैं कांग्रेस कमजोर हो, लेकिन ऐसा होने नहीं देंगे

पायलट ने कहा, कई लोग चाहते हैं कि कांग्रेस कमजोर हो, फूट पड़े। विधायकों को बदनाम करने चरित्र हनन करने की कोशिश हो रही है। कई लोग बदनाम करना चाहते हैं, यह बदनामी हम होने नहीं देंगे। जनता के मुद्दों पर हमारा जो स्टेंड पहले था, वह आगे भी रहेगा।

अपने विधायकों को बदनाम करके जनता से वोट किस मुंह मांगेंगे

पायलट ने कहा, सीएम का भाषण सुनने के बाद मैं समझ गया कि वह कार्रवाई क्यों नहीं हुई? हम अपने विधायकों मंत्रियों और सरकार को बदनाम करते रहेंगे तो जनता के बीच में वोट मांगने के लिए किस मुंह से जाएंगे। करप्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात पर खरा उतरना होगा।

पायलट हर सभा में करप्शन का मुद्दा उठा रहे, कहा- आवाज उठाता रहूंगा

सचिन पायलट बीजेपी राज के करप्शन पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। शनिवार को बाड़मेर में मंत्री हेमाराम चौधरी के बेटे की याद में बनाए गए हॉस्टल के लोकार्पण के मौके पर हुई सभा में भी पायलट ने करप्शन का मामला उठाया था।

पायलट ने कहा था कि बीजेपी राज के करप्शन का मुद्दा उठाने से कई लोग नाराज हुए, लेकिन उसकी कोई परवाह नहीं है। करप्शन के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा। इसके अगले ही दिन रविवार को धौलपुर के राजाखेड़ा में सीएम गहलोत ने पायलट खेमे पर अमित शाह से पैसा लेने का आरोप लगा दिया। अब इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

बीजेपी के करप्शन पर कार्रवाई के मुद्दे पर पायलट अनशन कर चुके

सचिन पायलट ने बीजेपी राज के करप्शन पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए 11 अप्रेल को जयपुर के शहीद स्मारक पर अनशन किया था। पायलट के अनशन से ठीक पहले प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने लिखित बयान जारी करके इसे पार्टी विरो​धी गतिविधि बताया। इसके बाद विवाद बढ़ा तो एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ ने सचिन पायलट से बात कर मध्यस्थता की। पायलट के अनशन को पार्टी विरोधी बताने पर उठे विवाद को शांत करने के लिए इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मगर अब यह जुबानी जंग लगता है अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है, कुछ ना कुछ परिणाम के स्तर पर पहुंच गई है।

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