राजस्थान में इस वर्ष नहीं होंगे छात्रसंघ चुनाव
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में इस शिक्षण सत्र में छात्र संघ चुनाव नहीं होंगे। इन चुनावों को लेकर विद्यार्थियों में चल रहा असमंजस सरकार की ओर से जारी इस आदेश से दूर हो गया है। शनिवार रात इस सम्बन्ध में आदेश जारी हो गए हैं। इससे कुछ घंटे पहले दिन में सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए छात्रसंघ चुनाव ना कराए जाने पर के संकेत दे दिए थे।
दरअसल सीएम गहलोत ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए छात्रसंघ चुनावों में छात्रों द्वारा किए जाने वाले खर्चों को लेकर नाराजगी जताई थी। सीएम गहलोत ने कहा कि लिंगदोग कमेटी का उल्लंघन कर छात्र खूब पैसा खर्च करते हैं। किसी एमपी-एमएलए चुनाव की तरह पैसा बहाया जाता है।
शिक्षा नीति को लागू करना बताया चुनौतीपूर्ण
छात्रसंघ चुनावों के सम्बन्ध में शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि सभी सम्बन्धित विभागों की बैठक के बाद फैसला लिया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सभी घटकों को लागू करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। विश्वविद्यालयों की विभिन्न परीक्षाओं के परिणामों में देरी, नए महाविद्यालयों के खोले जाने, प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण न्यूनतम 180 दिवस अध्यापन कार्य करवाना चुनौतीपूर्ण है। साथ ही छात्रों के लिए 75% अटेंडडेंस पूरा होने भी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में कुलपतिगण द्वारा बताया गया कि इस सत्र में छात्रसंघ के चुनाव नहीं करवाने चाहिए।
कुलपतियों ने यह बात भी रखी
शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में बताया गया कि सभी कुलपतियों द्वारा छात्रसंघ चुनावों में धनबल और भुजबल का खुलकर प्रयोग करने और लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लघंन होने की स्थिति स्पष्ट की गई। आदेश में बताया गया कि अगर छात्रसंघ चुनाव कराए जाते हैं तो शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। इसके चलते बैठक में उपस्थिति कुलपतिगणों द्वारा व्यक्त किए गए मन्तव्यों को ध्यान में रखते हुए इस बार चुनाव नहीं कराने जाने का फैसला लिया गया।
2004 से 2009 के बीच भी नहीं हुए थे चुनाव
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 2004 से 2009 तक भी छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाए गए थे। इसके बाद सीएम गहलोत ने 2010 से छात्रसंघ चुनाव करवाने को हरी झंडी दी थी, हालांकि कोरोना काल में वर्ष 2020 और 2021 में भी छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाए गए थे।
