जयपुर में दिल्ली जैसा बड़ा हादसा: बेसमेंट में भरे पानी में डूब जाने से युवक, एक मासूम बच्ची व एक युवती की मौत
राजस्थान की राजधानी के विश्वकर्मा इलाके में गुरुवार सुबह बेसमेंट में बारिश का पानी भर जाने से तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। उनके शव अभी भी वहीं फंसे हुए हैं। इन्हें बाहर निकालने के लिए सिविल डिफेंस की टीम लगी हुई है।
एनसीआई@जयपुर
विश्वकर्मा इलाके में सड़क किनारे बने एक बेसमेंट में बुधवार रात से हो रही बारिश का पानी भर जाने से 23 वर्षीय मजदूर, 6 वर्षीय मासूम व 19 वर्षीय युवती की मौत हो गई। ये दो परिवारों के सदस्य थे। शव अभी तक वहीं फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए सिविल डिफेंस और एनडीआरएफ की कई घंटे से मेहनत कर रही हैं, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई थी। बेसमेंट में भरे हुए बारिश के पानी को मोटर पम्प की से बाहर निकाला जा रहा है। पुलिस की कई गाड़ियां और एम्बुलेंस इस वक्त इलाके में मौजूद हैं। वहीं इलाके के लोग छतों पर चढ़कर इस कार्रवाई को देख रहे हैं। ये परिवार बिहार के निवासी हैं। इस हादसे के अलावा बगरू इलाके में नाले में बह जाने से एक बच्चे की भी मौत हो गई।
वीकेआई रोड नम्बर 17 के ध्वज नगर में हुई इस घटना की चर्चा इस वक्त पूरे देश में हो रही है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। उसमें दो छात्राओं व एक छात्र की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद शुरू हुआ बवाल अभी थमा भी नहीं था कि राजस्थान में भी कुछ ऐसा ही हादसा हो गया। गनीमत रही कि समय रहते परिवार के चौथे सदस्य को बाहर निकाल लिया गया था, जिससे उसकी जान बच गई। इस वक्त उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ऐसे हुआ यह हादसा
बुधवार रात से प्रदेशभर में जारी तेज बारिश के कारण यहां एक मकान की दीवार टूटकर दूसरे मकान पर जा गिरी। इससे बेसमेंट में पानी भर गया। इस दौरान परिवार के 4 सदस्य उसमें फंस गए। समय रहते एक को तो बचा लिया गया, लेकिन पूजा (19) पुत्री अशोक, अशोक की दोहिती पूर्वी (6) पुत्री हटवारु सैनी और कमल (23) पुत्र बैजनाथ वहीं फंस गए। इससे
इनकी पानी में डूबने से मौत हो गई।
अलर्ट मोड पर प्रशासन
आपदा प्रबंधन को लेकर जिला कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। यहां जयपुर शहर के किसी भी क्षेत्र में बारिश से उत्पन्न समस्याओं को लेकर सूचना दी जा सकती है। प्रशासन ने टोल फ्री नम्बर 1077, 0141-204475 और 204476 जारी किया है। इस पर जल भराव या किसी भी आपदा की सूचना दे सकते हैं। जिला कलक्टर सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी इस वक्त अलर्ट मोड पर हैं और पल-पल की अपडेट ले रहे हैं, और जहां सम्भव है वहां मदद भेज रहे हैं।
