बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हो रही बर्बरता के विरोध में कोटा में उमड़ा सर्व हिन्दू समाज, सम्भागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया, ज्ञापन दिया
एनसीआई@कोटा
बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हो रही बर्बरता के विरोध में मंगलवार को कोटा में सर्व हिन्दू समाज सड़क पर उतर आया। हिन्दू समाज के लोगों ने सीएडी ग्राउंड से सम्भागीय आयुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। यहां हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम सम्भागीय आयुक्त को ज्ञापन दिया।
सर्व हिन्दू समाज ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार करने के आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, पीड़ितों की सुरक्षा व उन्हें सहायता दिलाए जाने की भारत सरकार से मांग की है। रैली में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के आम पुरुष-महिलाओं के अलावा जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। रैली में शामिल लोग भगवा झंडे लिए हुए थे।

संत-महात्माओं ने ऐसे जताया आक्रोश
इस अवसर पर अखिल भारतीय संत समिति के सम्भागीय अध्यक्ष महंत दशरथ दास महाराज ने कहा कि हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश में अनिश्चितता, हिंसा और अराजकता में फंसा हुआ है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समाज बहुत चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहा है। वहां महिलाओं, बच्चों सहित आम हिन्दू समाज पर हमले हुए। मंदिर व व्यापारिक प्रतिष्ठानों, श्मशान तक में तोड़फोड़ की गई। बांग्लादेश में हिन्दू कभी 32 प्रतिशत थे, अब 8 प्रतिशत से भी कम बचे हैं। वहां का हिन्दू जिहादी उत्पीड़न का शिकार है। हमारी मांग है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए। पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश सह महामंत्री रामदास महाराज ने कहा- साल 1947 के समय पाकिस्तान से अलग होने पर जिस तरह की तस्वीरें सामने आईं थीं , वैसी ही तस्वीरें अभी बांग्लादेश से आ रही हैं। यह मानवता नहीं, दानवता है। ऐसे दानवों को पूरे विश्व समुदाय को रोकना चाहिए। जो घटनाएं बांग्लादेश में हिन्दू समाज के साथ हुई हैं, वो आतंकवाद व दानवता की श्रेणी में ही आती हैं। ऐसे में पूरे विश्व की जिम्मेदारी बनती है कि बांग्लादेश की सरकार पर दबाव बनाकर पीड़ितों को सुरक्षा दी जाए, उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए।
