अहमदाबाद में हजार अवैध बांग्लादेशियों को बसाने वाला महमूद पठान राजस्थान से गिरफ्तार, इसकी कारस्तानी जान रह जाएंगे हैरान……
एनसीआई@बांसवाड़ा/अहमदाबाद
गुजरात में अवैध रूप से आए बांग्लादेशियों को बसाने के आरोपी लल्ला बिहारी उर्फ महमूद पठान को पुलिस ने बांसवाड़ा से गिरफ्तार कर लिया। वह ऐसे बांग्लादेशियों की मदद करता था। वह गुजरात में उनके आवश्यक फर्जी दस्तावेज बनवा देता था।
उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद नगर निगम ने 29 अप्रेल को चंदोला झील के पास कब्जा कर बसाई गई बांग्लादेशियों की बस्ती और लल्ला बिहारी के फार्म हाउस को 70 बुलडोजर चलाकर तोड़ा था। इसके बाद लल्ला बिहारी भागकर राजस्थान में छुप गया था। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को उसे बांसवाड़ा के सल्लोपाट थाना इलाके के मोटी झेर गांव से दबोच लिया। टीम उसे पकड़कर गुजरात ले गई।

बड़ी बात यह रही कि गुजरात पुलिस की इस कार्रवाई की भनक बांसवाड़ा पुलिस को नहीं लगी। बांसवाड़ा एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने लल्ला बिहारी की यहां गिरफ्तारी होने की जानकारी से इनकार किया।
झील पर कब्जा कर बसा दी बांग्लादेशी बस्ती
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया- तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लल्ला बिहारी को राजस्थान में बांसवाड़ा के मोटी झेर गांव से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं। यह जानकारी सामने आई है कि स्थानीय नेताओं ने दस्तावेज के लिए फर्जी लेटर पैड बनवा रखे थे, इस मामले की भी जांच होगी। अब बांग्लादेशियों के लिए चल रहे पूरे रैकेट का सही ब्योरा सामने आएगा। उसके बेटे फतेह मोहम्मद को गुजरात में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
दरअसल, लल्ला बिहारी ने अहमदाबाद में चंदोला झील इलाके पर अवैध कब्जा कर बांग्लादेशी बस्ती बसा दी थी। 29 अप्रेल को अहमदाबाद नगर निगम और अहमदाबाद पुलिस ने अतिक्रमण को तोड़ दिया। लल्ला बिहारी का फार्म हाउस भी ढहा दिया गया। पुलिस लल्ला बिहारी तक पहुंचती, इससे पहले ही वह फरार हो गया था।

4 बीवियां हैं, सबके अलग-अलग मकान
लल्ला बिहारी के बेटे फतेह मोहम्मद से पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि लल्ला बिहारी के 5 एड्रेस हैं। वह पांच घरों में चार पत्नियों के साथ रहता था। सभी पांच घरों से कई बैंक खातों की जानकारी और बड़ी संख्या में बिल बुक भी जब्त की गई हैं।
एक ओर बड़ी बात है कि अहमदाबाद के दाणीलीमड़ा इलाके में नूर अहमदी सोसाइटी स्थित उसके एक घर से पैसे गिनने की मशीन और किराया रसीदों के सैकड़ों कट्टे भी बरामद किए गए हैं। बस्ती पर कार्रवाई के दौरान लल्ला बिहारी यहां से भागकर राजस्थान में छुप गया था।
बांग्लादेशियों को फर्जी दस्तावेज और काम दिलाता था
पुलिस की जांच में सामने आया था कि बांग्लादेश से चोरी-छुपे सीमा पार करके आने वालों की लल्ला बिहारी मदद करता था। वह उन्हें फर्जी दस्तावेज और काम तक दिलाता था। बदले में किराए पर बस्ती में मकान देता था। किराए से वह 10 से 12 लाख रुपए तक कमाता था। वह 20 हजार रुपए में आधार कार्ड और रेंट एग्रीमेंट बनवाकर उन्हें पहचान दिलाता था। इसके अलावा वह पानी के लिए हर किराएदार से रोज 20 रुपए वसूलता था और पार्किंग के लिए 125 रुपए प्रतिदिन लेता था।

झील पर मिट्टी डाल-डालकर अवैध कब्जा किया
झील के किनारे मिट्टी डाल-डालकर उसने अवैध कब्जा किया था। अहमदाबाद पुलिस ने चंदोला झील के पास रह रहे लगभग 1000 अवैध बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में लल्ला बिहारी का नाम सामने आया था। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच अब लल्ला बिहारी और उसके बेटे से पूछताछ करेगी।
बड़े चुभते सवाल
यहां बड़ी बात यह है कि आरोपी ने इतने सारे बांग्लादेशियों को एक-दो दिन या एक-दो महीने में तो बसा नहीं दिया होगा। इतना बड़ा कब्जा कुछ महीनों में तो नहीं हो गया होगा, कुल मिलाकर यह प्रक्रिया सालों तक चली होगी। ऐसे में अहमदाबाद प्रशासन की इस पर निगाह क्यों नहीं पड़ी? क्या यह मिली-भगत का खेल नहीं था?
