April 28, 2026

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कोटा-बूंदी जिलों के लाखों लोगों के लिए खुशी की खबर, गोठड़ा कलां में चम्बल नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण का रास्ता साफ

कोटा-बूंदी जिलों के लाखों लोगों के लिए खुशी की खबर, गोठड़ा कलां में चम्बल नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण का रास्ता साफ

लोकसभा स्पीकर बिरला के प्रयासों से वर्षों से अटकी परियोजना को मिली वन्यजीव बोर्ड से मंजूरी

एनसीआई@कोटा/बूंदी

चम्बल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र से गुजरने वाले इन्द्रगढ़–ललितपुर राज्य मार्ग-120 पर पुल निर्माण को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की स्थायी समिति ने मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से चम्बल नदी पर प्रस्तावित उच्च स्तरीय पुल और उससे जुड़ी सड़क के निर्माण की राह आसान हो गई है। यह परियोजना वर्षों से लम्बित थी, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सतत प्रयासों और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से हुए संवाद के चलते आखिरकार स्वीकृति मिल सकी है।

256 करोड़ रुपए से होना है पुल का निर्माण

 

राज्य सरकार के सार्वजनिक निर्माण विभाग ने वर्ष 2023 में इन्द्रगढ़–ढीबरी–रजोपा–इटावा–शहनावदा–ललितपुर राज्य मार्ग-120 पर ग्राम गोठड़ा कलां में पुल निर्माण के लिए 256.46 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी।

प्रस्तावित पुल की कुल लम्बाई 4.8 किलोमीटर होगी, जिसमें 1880 मीटर में पुल और 2920 मीटर में एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए बूंदी में 14.94 हेक्टेयर और कोटा में 7.233 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रगति पर है।

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की मंजूरी

पुल निर्माण क्षेत्र के चम्बल अभयारण्य क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसके लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति आवश्यक थी। दिसम्बर 2023 में प्रस्ताव भेजे जाने के बाद राज्य वन्यजीव बोर्ड की अनुशंसा पर इसे वन्यजीव बोर्ड को भेजा गया। 22 अप्रेल 2025 को बोर्ड की बैठक में परियोजना को आवश्यक पर्यावरणीय शर्तों के साथ मंजूरी प्रदान की गई।

3 लाख से अधिक लोगों को होगा लाभ

यह पुल कोटा जिले के खातौली, पीपल्दा, इटावा और बूंदी जिले के इन्द्रगढ़ व लाखेरी सहित करीब 3 लाख ग्रामीणों के अलावा मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए भी सुगम होगा। बरसात के मौसम में चम्बल नदी पार करने की दिक्कतों से अब निजात मिलेगी। पुल के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि से जुड़ी आवश्यक सेवाओं तक सरल और सुरक्षित पहुंच मिल सकेगी।

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