May 1, 2026

News Chakra India

Never Compromise

ममता बनर्जी के विरोध के बीच कोलकाता में हो गई ‘द बंगाल फाइल्स’ की स्क्रीनिंग, विवेक बोले- 600 लोग फिल्म देख रहे और 2 हजार प्रतीक्षा में

ममता बनर्जी के विरोध के बीच कोलकाता में हो गई ‘द बंगाल फाइल्स’ की स्क्रीनिंग, विवेक बोले- 600 लोग फिल्म देख रहे और 2 हजार प्रतीक्षा में

‘द बंगाल फाइल्स’ के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने फिल्म को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाया गया है कि बंगाल में दो संविधान हैं। 

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क

तमाम विवादों के बाद शनिवार के दिन कोलकाता में एक सिनेमाघर में ‘द बंगाल फाइल्स’ की स्पेशल स्क्रीनिंग हो गई। इस फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि फिल्म में बंगाल के दो संविधान को दिखाया गया है।

‘द बंगाल फाइल्स’ के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा, ‘हमने अपनी फिल्म में दिखाया है कि यहां (बंगाल में) दो संविधान हैं। आजादी से पहले भी दो संविधान थे, एक हिन्दुओं का और एक मुसलमानों का। इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाकर इस सरकार ने साबित कर दिया है कि राज्य में दो संविधान हैं। यहां कोई भी भारतीय संविधान का पालन नहीं करता, लेकिन आज थिएटर में मौजूद 600 लोगों और प्रतीक्षा में मौजूद 2000 लोगों ने साबित कर दिया है कि वे इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’

 

कोलकाता में हुई स्पेशल स्क्रीनिंग

शनिवार को ‘द बंगाल फाइल्स’ की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई। कोलकात के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भाषा भवन, नेशनल लाइब्रेरी में फिल्म का विशेष प्रीमियर आयोजित किया गया। इसका आयोजन खोला हवा नामक संस्था द्वारा किया गया। गौरतलब है कि राज्य सरकार के विरोध के कारण पश्चिम बंगाल के किसी भी सिनेमा हॉल में ‘द बंगाल फाइल्स’ की स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है। फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान निर्देशक विवेक अग्निहोत्री व अभिनेत्री पल्लवी जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। हालांकि, इससे पहले सिनेमा हॉल चेन में फिल्म का ट्रेलर रिलीज रद्द कर दिया गया था।

फिल्म पर प्रतिबंध लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ

फिल्म का विशेष प्रीमियर आयोजित करने वाले संगठन ‘खोला हवा’ की पहचान एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन के रूप में है। भाजपा के पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता इस संगठन के अध्यक्ष हैं। फिल्म पर पश्चिम बंगाल में लगे प्रतिबंध को लेकर निर्देशक विवेक अग्निहोत्री और अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। वहीं, फिल्म देख कर बाहर आए लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक विमर्श को नया आयाम देने वाली प्रस्तुति है।

देश के काले इतिहास की सच्चाई पर रोशनी

यह फिल्म विवेक की जानी मानी ‘ट्रूथ ट्रिलॉजी’ की तीसरी कड़ी है, जो भारत के काले इतिहास से जुड़ी सच्चाई पर रोशनी डालती है। फिल्म देशभर में रिलीज हो चुकी है, लेकिन वेस्ट बंगाल के थिएटर्स टीएमसी कार्यकर्ताओं-नेताओं धमकी के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

स्पेशल स्क्रीनिंग क्लोज-डोर आधार पर हुई, अर्थात इसमें सिर्फ आमंत्रित लोगों को ही एंट्री मिली। पश्चिम बंगाल में फिल्म को थियेटर्स में रिलीज नहीं जा सकने से ऐसा करना पड़ा। वहीं देशभर में इस फिल्म को सराहा जा रहा है, क्योंकि यह भारत के इतिहास के एक अहम, लेकिन अनदेखे किस्से को सामने लाती है। बंगाल में फिल्म को लेकर जिज्ञासा लगातार बढ़ रही है और थियेटर्स के न दिखाने के बावजूद प्राइवेट स्क्रीनिंग्स आयोजित की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.