May 3, 2026

News Chakra India

Never Compromise

कोटा: साइबर ठगी के आरोपी को छोड़ने के लिए डेढ़ लाख में किया सौदा, 75 हजार लिए, एसआई सहित तीन पुलिसकर्मी निलम्बित

कोटा: साइबर ठगी के आरोपी को छोड़ने के लिए डेढ़ लाख में किया सौदा, 75 हजार लिए, एसआई सहित तीन पुलिसकर्मी निलम्बित

एनसीआई@कोटा

कोटा में साइबर ठग को छोड़ने की एवज में डेढ़ लाख रुपए में सौदा कर 75 हजार रुपए लेने के मामले में सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए गुमानपुरा थाने के एसआई व 2 कांस्टेबलों को निलम्बित कर दिया। इन पुलिसकर्मियों में एसआई देवकीनंदन, कांस्टेबल करतार सिंह और छोटूलाल गुर्जर शामिल हैं। इन तीनों का मुख्यालय झालावाड़ रखा गया है। गुमानपुरा थाने में हुई इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया है।

जानकारी के अनुसार, गुमानपुरा थानाधिकारी महेश कारवाल इन दिनों छुट्टी पर हैं। उनके अवकाश पर रहने के दौरान थाने का चार्ज सेकंड ऑफिसर एसआई देवकीनंदन के पास था।एसआई देवकीनंदन का स्थानांतरण रानपुर थानाधिकारी के तौर पर हो चुका था। इसे 6 मई को रानपुर थाने का कार्यभार संभालना था।

कार्रवाई के बजाय पुलिस ने की सेटिंग

सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि गुमानपुरा पुलिस ने किडनेपिंग की सूचना पर एक वाहन को रोका था। इसमें संदिग्ध युवक फर्जी एटीएम कार्ड और साइबर फ्रॉड की सामग्री के साथ मिले। ये लोग ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े हुए थे। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी निभाने के बजाय आरोपियों को छोड़ने के लिए डेढ़ लाख रुपए में सौदा कर लिया।

देर रात थाने पहुंचीं सिटी एसपी और जांच शुरू की

सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया- पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की भनक लगते ही वे खुद शुक्रवार देर रात गुमानपुरा थाने पहुंचीं और जांच शुरू की। जानकारी में सामने आया कि एसआई देवकीनंदन, कांस्टेबल छोटूलाल और करतार सिंह ने आरोपियों से तय की गई रकम में से 75 हजार रुपए ले लिए थे और वे बाकी 75 हजार रुपए का इंतजार कर रहे थे।

इस गम्भीर भ्रष्टाचार के सामने आते ही एसपी तेजस्विनी ने तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल निलम्बित कर उनका मुख्यालय झालावाड़ कर दिया। मामले की उच्च स्तरीय जांच अंडर ट्रेनी आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव को सौंपी है।

सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि थाने में भ्रष्टाचार के साथ-साथ अनुशासनहीनता के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की गई। शराब पीकर किसी व्यक्ति से झगड़ा करने की गोपनीय शिकायत मिलने पर एसपी ने एएसआई ऋषिपाल, हीरालाल और जुगल को भी तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। एसपी तेजस्विनी के पास अभी कोटा रेंज आईजी का अतिरिक्त चार्ज भी है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अभद्र व्यवहार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह था पूरा मामला

सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि गुमानपुरा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक को किडनेप कर ले जाया जा रहा है। इस पर पुलिस ने जब सम्बंधित वाहन को रोका और युवकों की जांच की तो उनके पास फर्जी एटीएम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली। इनमें से एक युवक बैंक खातों के जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया कि ये लोग म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी करते हैं। पुलिस आरोपी युवकों को थाने में ले आई और बैठा दिया।

एसपी ने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने पैसों का लेनदेन किया और मामला भी देरी से दर्ज किया। शुक्रवार देर रात तक सिटी एसपी खुद गुमानपुरा थाने में रहीं।

शराब पीकर झगड़े, तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

वहीं, अनुशासनहीनता करने के मामले में गुमानपुरा थाने के तीन अन्य पुलिसकर्मियों एएसआई ऋषिपाल, हीरालाल और जुगल को लाइन हाजिर किया गया है। एसपी ने बताया कि इनकी गोपनीय शिकायत मिली थी। आरोप है कि ये तीनों शराब पीकर किसी व्यक्ति से झगड़ गए थे। शिकायत सही पाई जाने पर इन्हें लाइन हाजिर कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.