एनसीआई@जयपुर
अजमेर व पाली में पार्टी की बढ़त के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशियों की हार और बोर्ड नहीं बनने सहित अजमेर सहित कई अन्य निकायों में पार्षदों की क्रॉस वोटिंग और पार्टी नेताओं की भूमिका की जांच के लिए आखिरकार प्रदेश कांग्रेस ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें भीलवाड़ा का मामला भी शामिल है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को जांच कमेटी का संयोजक नियुक्त किया गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस की एक बैठक में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे।
7 दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपेगी कमेटी
राम सिंह कसवा, सांसद मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, विधायक प्रमोद जैन भाया, गणेश घोघरा, हाकम अली, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत और रघुवीर सिंह राठौड़ को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। कमेटी 7 दिन में जांच करके अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि कमेटी पाली, अजमेर, भीलवाड़ा सहित कई अन्य निकायों का दौरा करेगी। वहां जाकर कांग्रेस नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से वार्ता करेगी। इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी कि आखिर बढ़त के बावजूद भी इन निकायों में कांग्रेस की किन कारणों की वजह से हार हुई। क्या पार्टी के ही नेताओं की इसमें बड़ी भूमिका रही है। रिपोर्ट के बाद ही पार्टी अपना फैसला लेगी।
वेणुगोपाल ने दिए थे जांच कमेटी के आदेश
दरअसल गत 21 सितम्बर को जयपुर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस वॉर रूम में पार्टी के विधायक, सांसदों और पूर्व मंत्रियों की बैठक लेते हुए कई निकायों में बढ़त के बावजूद भी पार्टी का वोट नहीं बनने पर नाराजगी जाहिर की थी। इस मामले में दो दिन के भीतर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे, ताकि पूरे मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लेकिन प्रदेश नेतृत्व ने अब 13 दिन बीतने के बाद कमेटी का गठन किया है।
