कांग्रेस नेता चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करने जा रहे थे, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी सांसदों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था
एनसीआई@नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित अन्य सभी कांग्रेस के नेताओं को हटा दिया है। चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेन्द्र हुड्डा, पवन खेड़ा भी इनमें शामिल थे। करीब 9 घंटे के धरना-प्रदर्शन के बाद यह कार्रवाई की गई। इन नेताओं को किंग्सवे केम्प ले जाया जा रहा है। धीरे- धीरे बेरिकेडिंग को भी हटाया जा रहा है। इससे पहले संसद मार्ग से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद वे आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष यह आंदोलन कर रहा है।
इससे कई घंटे पहले ही पुलिस ने अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओब्रायन समेत कई सांसदों को हिरासत में लेकर बसों में बिठा लिया था। मगर इस बीच बस में बैठी प्रियंका व बाहर खड़े पुलिस को चकमा देकर आकाशवाणी भवन में जा घुसे। इनके साथ अन्य कुछ नेता भी अंदर जाने में सफल हो गए थे। माना जा रहा है कि राहुल गांधी की मंशा चुपचाप आकाशवाणी भवन के पीछे के गेट से निकल चुनाव आयोग मुख्यालय पर पहुंचने की थी, मगर वह गेट बंद मिलने से वे परिसर में ही धरने पर बैठ गए। यहां पुलिस अधिकारियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं से जगह खाली करने को कहा। डीसीपी सचिन शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नेताओं को मनाने की कोशिश की।
राहुल गांधी ने हटाए जाने के प्रयास का किया विरोध
राहुल गांधी ने पुलिस की हिरासत और हटाने के प्रयासों का विरोध किया। वे प्रियंका गांधी के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए और चुनाव आयोग कार्यालय तक जाने की जिद पर अड़े रहे। यही नहीं इनकी मांग यह भी थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त उनसे यहीं आकर मिले। यह अलग बात है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद भी तलब नहीं कर सकती है, इसलिए बीजेपी राहुल गांधी की इस मांग का मज़ाक बना रही है।
दूसरी ओर, पुलिस के बार-बार हटने के अनुरोध के बावजूद राहुल गांधी ने इनकार कर दिया और पूछा कि देश में वे कहां बैठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे लोकतंत्र बचाने के लिए वहां हैं और ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के बिना नहीं हटेंगे। वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना था कि राहुल गांधी, कांग्रेस या अन्य किसी विपक्षी दल की ओर से मिलने के लिए समय नहीं मांगा गया है। ऐसा होता है तो वह मिलने पर विचार कर सकता है।
किंग्सवे केम्प से सभी कांग्रेसी रिहा
इधर, किंग्सवे केम्प में ले आए गए राहुल और प्रियंका सहित करीब ढाई सौ कांग्रेसी नेताओं को दिनभर चले ड्रामे के अगले चरण के करीब दो घंटे बाद रात दस बजे करीब रिहा कर दिया गया।
