एनसीआई@नई दिल्ली
स्पेशल इंटेनसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ी के मसले पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर 19 विपक्षी दलों ने आज मंगलवार को संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग तक ‘Save Democracy March’ निकाला। इस मार्च को पुलिस ने संसद मार्ग पर बेरिकेड लगाकर रोका। काफी विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। दूसरी ओर, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी पुलिस को चकमा दे अपनी पार्टी के कई अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन में जा घुसे और यहां धरने पर बैठ गए। दिनभर चले इस ड्रामे के बाद रात करीब आठ बजे पुलिस सभी को हिरासत में ले किंग्सवे केम्प पहुंची। दस बजे इन सभी को रिहा कर दिया गया।
दूसरी तरफ बीजेपी ने इस मसले पर सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया था। इसके तहत बीजेपी मुख्यालय में 3 अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के हर आरोप का पॉइंट-टू-पॉइंट तगड़ा जवाब दिया। जमकर पलटवार किए गए। कांग्रेस की ओर से इनमें से किसी का भी जवाब नहीं दिया है।
बीजेपी के 5 बड़े पलटवार
1. सम्बित पात्रा का सबसे बड़ा वार – ‘Form-6 पर सुप्रीम कोर्ट के नाम पर झूठ’
पात्रा ने कहा राहुल गांधी ने X पर लिखा कि CEC ने Form-6 को illegally बदल दिया और सुप्रीम कोर्ट ने ये मान लिया। हकीकत ये है कि कोर्ट ने सिर्फ नोटिस जारी किया है, कोई सुनवाई तक नहीं हुई। CJI ने कहा है मामला सुनवाई पर देखा जाएगा। राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट को misquote कर अराजकता, झूठ और भ्रम फैला रहे हैं। ये राहुल गांधी को रीलॉन्च करने की एक और कोशिश है।
2. सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला – ‘हार के नशे में चूर कांग्रेस’
त्रिवेदी ने पूछा – कांग्रेस बिना वेरिफिकेशन के Absent, Shifted, Dead और Duplicate वोटरों को वोटिंग राइट दिलाना क्यों चाहती है? किसे फायदा पहुंचाना है? उन्होंने कहा कांग्रेस लगातार हार से इतनी बौखला गई है कि निराधार बयानबाजी कर रही है। कांग्रेस के प्रथम परिवार ने 4 पीढ़ियों तक वंशवाद के नाम पर लोकतंत्र का गला घोंटा और आज आकाशवाणी भवन तक में घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।
3. शिवराज सिंह चौहान और अन्य नेताओं का वार – ‘इसी सिस्टम से तो आप जीते हो’
बीजेपी ने कहा – जिस चुनाव आयोग और जिस सिस्टम को आप कठपुतली बता रहे हो, उसी सिस्टम से आप कई राज्यों में जीते हो। संविधानिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करो। विपक्ष का ये मार्च लोकतंत्र बचाने का नहीं, संस्थाओं पर दबाव बनाने का मार्च है।
4. SIR का बचाव – ‘फर्जी वोटर हटाने से डर क्यों?’
बीजेपी का तर्क – SIR से बांग्लादेशी, रोहिंग्या, मरे हुए और एक ही नाम के 3-4 जगह दर्ज डुप्लीकेट वोटर हट रहे हैं। इसका विरोध वही कर रहा है जो फर्जी वोटों के सहारे जीतना चाहता है। EC में दो कमिश्नरों की अलग राय लोकतंत्र की निशानी है, तानाशाही नहीं।
5. INDIA ब्लॉक में फूट का जिक्र
बीजेपी नेताओं ने बताया कि इस 19 दलों के मार्च में AAP और DMK शामिल ही नहीं हुए। मतलब विपक्ष खुद ही बंटा हुआ है और ये धरना सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए है।
बीजेपी का सार यही रहा कि केवल फेक न्यूज फैला कर, हंगामा खड़ा कर, इस्तीफे मांगने मात्र से राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन जाएंगे, कांग्रेस को पहले अपनी नेतृत्व क्षमता पर सोचना चाहिए।
