एनसीआई@बूंदी
कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने मुक्कों की गूंज से भारत की झोली में स्वर्ण पदक डालने वाली गोविन्दपुर बावड़ी की होनहार बेटी और अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी का गुरुवार को बूंदी में भव्य अभिनंदन व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से नगर परिषद के टाउन हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में इस प्रतिभाशाली बेटी को सिर-आंखों पर बिठाया गया।

तालियों की गड़गड़ाहट से किया स्वागत
टाउन हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में जैसे ही अरुंधति चौधरी ने कदम रखा, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, विभिन्न जनप्रतिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

राजस्थान व भारत का नाम विश्व पटल पर स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराया
अरुंधति ने कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग रिंग में अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल अपने गांव गोविन्दपुर बावड़ी और बूंदी जिले का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे राजस्थान व भारत का नाम विश्व पटल पर स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर आज हर देशवासी और प्रदेशवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि अरुंधति की यह जीत ग्रामीण अंचल की उन हजारों बेटियों के लिए एक प्रेरणा है, जो अभावों के बावजूद आसमान छूने का सपना देखती हैं।

सफलता का श्रेय माता-पिता, कोच की कड़ी मेहनत और देशवासियों की दुआओं को
अपने सम्मान से अभिभूत अरुंधति चौधरी ने इस अवसर पर अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच की कड़ी मेहनत और देशवासियों की दुआओं को दिया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन से मेहनत की जाए, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में भी देश के लिए ऐसे ही पदक जीतने के लिए रिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती रहेंगी। अरुंधति चौधरी ने कहा कि समाज में आमतौर पर लड़कियों को आगे बढ़ने से रोका-टोका जाता है, लेकिन खेलों के जरिए आज एक लड़की को जो सम्मान मिल रहा है, वह समाज के लिए एक बड़ा संदेश है।
युवा खिलाड़ियों से संवाद भी किया
इस दौरान उन्होंने स्थानीय युवा खिलाड़ियों से भी संवाद किया। अरुंधति ने कहा कि उन्होंने युवाओं एवं बच्चों के सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बातचीत से बच्चों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी खेलों में कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ेंगे।

नवम्बर में वर्ल्ड कप पर निशाना, घर जाकर खाएंगी ‘दाल-बाटी’
अरुंधति ने कहा कि उनका अगला मुख्य लक्ष्य नवम्बर में होने वाला वर्ल्ड कप है। हालांकि, कड़े अभ्यास और अनुशासन के बीच उन्होंने अपनी एक छोटी सी व्यक्तिगत इच्छा भी साझा की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे लम्बे समय बाद घर जा रही हैं, इसलिए सबसे पहले वे अपनी पसंदीदा ‘दाल-बाटी’ का आनंद लेंगी, जिसे वे काफी मिस कर रही थीं।
उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जो महत्व दिया जा रहा है, उसके लिए वे आभारी हैं और खेलों को बढ़ावा देने के लिए उनसे जो भी सहयोग बन पड़ेगा, वे जरूर करेंगी। अरुंधति ने कहा, “इस बार मैं अकेली यहां तक पहुंची हूं, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यहां से और भी कई प्रतिभाएं निकलेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी।”

जिला कलक्टर ने बिना किसी व्यावसायिक लाभ के खेल अकादमी शुरू करने का न्योता दिया
समारोह को सम्बोधित करते हुए जिला कलक्टर ने अरुंधति, उनके कोच अशोक और विशेष रूप से उनके माता-पिता को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता का बहुत बड़ा संघर्ष और त्याग होता है। वे अपनी जरूरतों को किनारे रखकर बच्चे के भविष्य के लिए समर्पित रहते हैं।
अरुंधति बूंदी नवगठित ‘बालिका शक्ति मंच’ की ब्रांड एंबेसडर
कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर कलक्टर की ओर से अरुंधति चौधरी को बूंदी में बिना किसी व्यावसायिक लाभ के अपनी एक खेल अकादमी शुरू करने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि अकादमी स्थापित करने के लिए जमीन, आवश्यक संसाधन और हर संभव प्रशासनिक सहयोग मुहैया कराया जाएगा, ताकि आने वाले समय में बूंदी से और भी होनहार खिलाड़ी निकलकर एशियाड और ओलंपिक जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर सकें। जिला कलक्टर ने कहा कि अरुंधति ने पूरे बूंदी जिले और देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा करते हुए कहा कि अरुंधति चौधरी अब बूंदी जिला प्रशासन के नवगठित ‘बालिका शक्ति मंच’ की ब्रांड एंबेसडर होंगी। जिला प्रशासन के निवेदन पर अरुंधति ने भी इस जिम्मेदारी को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि ‘बालिका शक्ति मंच’ पहल का मुख्य उद्देश्य जिले की उन होनहार बेटियों को एक मजबूत मंच प्रदान करना है, जिनके सपने धन या सही मार्गदर्शन के अभाव में कहीं बीच में ही अटक जाते हैं। अब इस मंच के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से ऐसी बालिकाओं को चिह्नित किया जाएगा। उन्हें शिक्षा, खेलकूद, कला, प्रोफेशन या अन्य किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक सहायता, समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

बिरला के प्रयासों से ‘खेल संकुल’ में अत्याधुनिक सुविधाएं
जिला कलक्टर ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के प्रयासों से बूंदी का ‘खेल संकुल’ अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुका है। लोकसभा अध्यक्ष के विजन का उल्लेख करते हुए बताया कि जिले की सभी पंचायत समितियों के ब्लॉक स्तर पर बेहतरीन खेल स्टेडियम बनाने की कार्ययोजना पर तेजी से काम चल रहा है।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार, जिला खेल अधिकारी हर्षवर्धन सिंह, पूर्व नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, महामंत्री संजय लाठी, महामंत्री योगेन्द्र श्रृंगी, पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत, नूपुर मालव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे एवं शहरवासी मौजूद रहें।
