एनसीआई@नई दिल्ली
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और डीपफेक कंटेंट के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो हटाने के मामले में बुधवार, 5 अगस्त को माफी मांग ली है। कम्पनी ने माना कि प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी कंटेंट को प्रमोट करने के लिए पैसे दिए गए थे।
मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी, जोएल कपलान के नेतृत्व में कम्पनी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मुलाकात की। इस दौरान भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि मेटा अब आईटी अधिनियम (IT Act) के तहत ‘सेफ हार्बर’ (मध्यस्थ के रूप में कानूनी सुरक्षा और छूट) का हकदार नहीं है।
तीन दिन में बिना शर्त माफी मांगने का दिया था अल्टीमेटम
इससे पहले, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने जुकरबर्ग को तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया था। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब 23 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इंस्टाग्राम और फेसबुक पर युवाओं के नाम पोस्ट किया गया एक वीडियो प्लेटफॉर्म से कुछ समय के लिए हटा दिया गया था।
