गहलोत सरकार के मंत्री पर आरोप लगा युवक ने की आत्महत्या, किरोड़ी लाल मीणा से लगाई गुहार
एनसीआई@जयपुर
शहर के चांदी की टकसाल इलाके में एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले इस व्यक्ति ने एक वीडियो बनाकर अशोक गहलोत सरकार के मंत्री महेश जोशी सहित कई लोगों पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही इंसाफ के लिए राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा से गुहार भी लगाई है।
वीडियो में इस व्यक्ति ने उसके मकान पर कब्जा करने के मामले में जलदाय मंत्री महेश जोशी सहित कई लोगों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मामले पर ट्वीट करते हुए इसे शर्मनाक बताया है। साथ ही कहा है कि राज्य सरकार पर गम्भीर आरोप लगाए गए हैं। सांसद मीणा ने कहा कि निक्कमी, नकारा सरकार को एक क्षण भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।
चांदी की टकसाल, जयपुर में रामप्रसाद जी मीणा द्वारा आत्महत्या करना नितान्त दुःखद है। यह कितना शर्मनाक है कि @ashokgehlot51 सरकार के मंत्री से परेशान होकर एक गरीब आदमी को आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा है। ऐसी नकारा और निक्कमी सरकार को एक क्षण भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। 1/1 pic.twitter.com/h2n3bL3tUg
— Dr.Kirodi Lal Meena (Modi Ka Parivar) (@DrKirodilalBJP) April 17, 2023
यह है मामला
चांदी की टकसाल में काले हनुमान मंदिर के पास रहने वाले राम प्रसाद मीणा (43) ने सोमवार सुबह फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि घर से 200 मीटर दूर उसकी एक जमीन है, जिस पर विवाद चल रहा है।
टी शॉप के पास लटका था शव
राम प्रसाद की आत्महत्या के सम्बन्ध में उसके घरवालों का कहना है कि वह सुबह घर से जल्दी निकल गया था। घर से 200 मीटर दूर टी शॉप के पास एक ट्रांसपोर्ट कम्पनी के ऑफिस में पहुंचा, जिसे वहां का चौकीदार सुबह 5 बजे खोलने के बाद निकल जाता था। सुबह करीब 6 बजे वहां से निकल रहे एक ऑटो ड्राइवर ने राम प्रसाद के शव को वहां लटका हुआ देखा। इसकी सूचना ऑटो ड्राइवर ने पुलिस को दी।
ऐसे सामने आया वीडियो
पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में ले कर जांच शुरू की। इसमें पुलिस को सुसाइड से पहले राम प्रसाद मीणा का एक वीडियो मिला। यह उसने फंदे पर लटकने से पहले बनाया था। करीब 58 सेकंड के इस वीडियो में उसने उसकी जमीन के सभी डॉक्यूमेंट होने के बावजूद भी उसे मकान नहीं बनाने देने की बात कही है। साथ ही गिरधारी जी का मंदिर के देवेंद्र शर्मा, ललित शर्मा, होटल रॉयल शरेटन के मालिक मुंजी टांक, देवा अवस्थी, पूर्व पार्षद लालचंद देवनानी और केबिनेट मंत्री महेश जोशी पर इस जमीन को लेकर उसे परेशान करने के आरोप भी लगाए हैं। साथ ही फांसी लगाते हुए भी उसने यह भी कहा- आज मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। किरोड़ी बाबा से प्रार्थना करता हूं कि मेरे परिवार को इंसाफ दिलाएं। धन्यवाद।’ बताया जा रहा है कि राम प्रसाद की मां गुलाबी देवी और पत्नी सुमन मीणा बीमार रहती हैं। हर जगह शिकायत करने के बावजूद भी उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उसे यह कदम उठाना पड़ा।
वीडियो बनाकर बेटे-बेटियों को भी भेजा
परिजनों का कहना है कि रामप्रसाद को अंदेशा था कि उसकी मौत के बाद पुलिस पूरे मामले को दबा देगी। इसलिए उसने मरने से पहले वीडियो बनाकर बेटे-बेटियों को भेज दिया। पुलिस जब तक मोबाइल को अनलॉक करती और देखती, तब तक यह वीडियो सभी तक पहुंच गया था।
महेश जोशी सहित कई लोग मकान बनाने से रोकते थे- बेटा अंकित
रामप्रसाद मीणा के बेटे अंकित का कहना है कि पापा खुद की जमीन पर मकान बनाना चाहते थे, मगर महेश जोशी सहित कई लोग उन्हें बार-बार रोक देते थे। जमीन के सभी डॉक्यूमेंट होने के बाद भी उनके घर के बाहर गार्ड लगा दिए थे। जिससे वह जमीन पर काम नहीं करा सके। इसे लेकर दादी शनिवार को महेश जोशी से मिली थीं, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की।
शव नहीं लेगा परिवार
अंकित ने कह कि जब तक पुलिस मामले में नामजद मुकदमा दर्ज नहीं करेगी, तब तक शव नहीं लेंगे। दूसरी ओर सुभाष चौक थाना सीआई रामफूल ने कहा कि वीडियो की जांच होगी। जांच में सामने आएगा कि किसने उन्हें परेशान किया है? राम प्रसाद ने क्यों फंदा लगाया? परेशानी का विषय बाद में पता चलेगा। यह जांच का विषय है। इन लोगों की कोई मांग नहीं है। ये चाहते हैं कि सरकार से कोई मदद हो मिल जाए।
सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने यह कहा
वहीं, दूसरी तरफ राज्यसभा सांसद डॉ़. किरोड़ी लाल मीणा ने इस मामले पर बयान जारी कर इस घटना को सरकार के लिए शर्मनाक बताया है। मीणा ने कहा कि सरकार के एक मंत्री से परेशान होकर एक गरीब आदमी को आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा है। ऐसी नकारा और निक्कमी सरकार को एक क्षण भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। जरूरी है कि सरकार रामप्रसाद मीणा के शोकमग्न परिवार को तुरंत सरकारी राहत उपलब्ध करवाए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करते हुए एक मिसाल पेश करे, जिससे मंत्री पद का दुरुपयोग कर रहे लोग बाज आएं। मुख्यमंत्री इस ओर ध्यान दें कि प्रदेश में ऐसी शर्मनाक घटना की पुनरावृति न हो।
