‘कुछ लोग विदेश जाकर भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठा रहे, ये भारत के लोकतंत्र को जीवंत नहीं बता रहे’: उप राष्ट्रपति धनखड़
एनसीआई@जयपुर
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- अभी कुछ लोग विदेश जाकर भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठा रहे थे, वे भारत के लोकतंत्र को जीवंत नहीं बता रहे थे। यह सुनकर मुझे बहुत पीड़ा हुई। धनखड़ शुक्रवार को मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) जयपुर में स्टूडेंट्स को सम्बोधित कर रहे थे।

उप राष्ट्रपति ने कहा- भारत एकमात्र देश है, जो पूरी तरह लोकतंत्र के आधार पर चलता है। गांव, पंचायत, जिला परिषद्, विधानसभा से लेकर संसद तक हम लोकतंत्र के आधार पर ही चल रहे हैं। बाहर जाकर जो इस तरह बात करता है, वह राष्ट्रवाद के साथ बदसलूकी कर रहा है। धनखड़ ने पीएम नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर कहा- अमेरिका में भारतीय प्रधानमंत्री की मौजूदगी बहुत प्रभावशाली है। अब हम वैश्विक नेतृत्व के बराबर हैं।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ MNIT जयपुर में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। धनखड़ के साथ उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ भी मौजूद रहीं।
जल्द ही होंगे सबसे आगे
उपराष्ट्रपति ने स्टूडेंट्स से कहा- इस समय हम विश्व में पांचवें नम्बर की आर्थिक ताकत हैं। जल्द ही दुनिया में सबसे आगे होंगे। साल 2047 में हम सबसे आगे होंगे। सभी देश भारत की ओर देख रहे हैं। हम एकलव्य हैं, किसी के सिखाने का इंतजार नहीं करते। खुद ही सीख जाते हैं।

भारत के लोगों का सामर्थ्य है कि 24 घंटे लगातार मेहनत कर सकते हैं। इसका उदाहरण मैं इंटरनेट डाटा कंजप्शन के जरिए देना चाहता हूं। जो लोग हमारी जनसंख्या पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं डाटा कंजप्शन यूएसए और चाइना से भी ज्यादा है। यह हमारे दिमाग की वजह से हो रहा है।
आज पूरा विश्व इंडिया के दिमाग की तरफ देख रहा है। यहां के लोग हर समय अपने दिमाग के साथ एक्टिव रहते हैं। यहां के लोग डेडिकेटेडमैन है। कैपेसिटी 24 घंटे की है। इस मामले में हमारी महिलाओं ने भी बाजी मारी हैं, हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपना परचम लहराया है।
इस अवसर पर MNIT के डायरेक्टर एनपी पाढ़ी ने संस्थान की ओर से की गई पहलों की जानकारी दी। राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति आनंद भालेराव भी समारोह में मौजूद रहे।
अब ऐसा जबरदस्त हो गया है बदलाव
उपराष्ट्रपति ने कहा- जब मैं एमपी बना तो मुझे 50 लोगों को गैस कनेक्शन देने तक की पावर होती थी। आज हमारे प्रधानमंत्री ने अपने दम पर 17 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन दे दिए हैं। इस देश में जो लीडरशिप है, वह हमें ग्लोबल लेवल पर मजबूत बना रही है। हमें उनका साथ देकर इसे आगे बढ़ाना होगा।
आप बहुत भाग्यशाली हैं कि आप ऐसे समय के साक्षी है, जब भारत उदय हो रहा है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया। यह अब रुकने वाला नहीं है, इसे आपको पंख लगाने हैं। आपकी मेहनत इसे और आगे लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि साल 2020 में हमारा डिजिटल ट्रांसफर न के बराबर था। अमेरिका, फ्रांस और विकसित देशों के मुकाबले हम बहुत पीछे थे। साल 2022 में हमारा डिजिटल ट्रांसफर 1.3 ट्रिलियन डॉलर का रहा। इससे फर्क नहीं पड़ता कि अंक कितने हैं, लेकिन आज हम अमेरिका के डिजिटल ट्रांसफर से आगे हैं।
तनाव से दूर रहे, नए विचारों को आने दें
धनखड़ ने स्टूडेंट्स को नसीहत दी कि आप तनाव को हमेशा दूर रखें। अपने विचारों को लागू करें। सिर्फ खुद से ही प्रतिस्पर्धा करें। आप यह कर लेंगे तो जीवन में सफलता अवश्य मिलेगी। मेहनत का कोई तोड़ नहीं है। नशे से दूर रहना होगा, तभी भारत तरक्की करेगा।
उन्होंने कहा- देश में सार्वजनिक सम्पत्ति जलाई जाती है, पुलिस वाहन जलाए जाते हैं। जलाने वाले वीडियो में दिखाई देते हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, ऐसा क्यों? हम ऐसे परिदृश्य को कैसे विकसित होने दे सकते हैं?
धनखड़ ने कहा कि युवा छात्रों को अपने आसपास के माहौल में बदलाव लाना होगा, कहानियां तैयार करनी होंगी और सकारात्मक सोच के साथ सोशल मीडिया पर हावी होना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को अपने विचारों को दिमाग में रखने के बजाय उन पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को असफलता से नहीं डरना चाहिए।
