इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल: जयपुर की मरुधर कंवर बनीं मिसेज जैसलमेर, बीकानेर की पारुल को मिला मिस मूमल का खिताब

एनसीआई@जैसलमेर
जैसलमेर में आज गुरुवार से तीन दिवसीय इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल की शुरुआत हुई। फेस्टिवल के पहले दिन मिस्टर डेजर्ट और मिस मूमल चुनी गईं। साथ ही साफा, मूंछ और मिसेज जैसलमेर प्रतियोगिताएं भी हुईं। उन्हें देखने के लिए देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी।

इस शानदार आयोजन का शुभारम्भ सुबह लक्ष्मीनाथ जी मंदिर में हुई आरती से हुआ। इसके बाद 9.30 बजे गड़ीसर झील से सोनार दुर्ग होते हुए पूनम सिंह स्टेडियम तक शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में दुनियाभर से आए पर्यटक शामिल हुए। स्थानीय लोगों और कलाकारों ने शोभायात्रा की झांकियों में भाग लिया।
इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल के लिए गोल्डन सिटी के नाम से विख्यात जैसलमेर शहर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। चौराहों की सजावट के साथ ऐतिहासिक स्थलों पर भी रंग-बिरंगी रोशनी की गई है।
मिसेज जैसलमेर प्रतियोगिता का ऐसा रहा आलम
मिसेज जैसलमेर प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा सजी-धजी और राजस्थानी वेशभूषा धारण की हुई जयपुर की मरुधर कंवर को मिसेज जैसलमेर का खिताब मिला। इस प्रतियोगिता में 10 महिलाओं ने भाग लिया था।

मरुधर कंवर के पति महेन्द्र सिंह पीटीआई हैं। जयपुर की रहने वाली मरुधर कंवर इमिटेशन ज्वेलरी का काम करती हैं, खासकर राजपूती बैंगल्स का। इनके एक 7 साल का बच्चा है। मरुधर को इस प्रतियोगिता के बारे में सोशल मीडिया से जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने घर वाला ही पहनावा पहना था। इस दौरान घूंघट निकालने का कारण बताया कि यह हमारी परम्परा है। इसके अलावा ससुराल वाले भी यह कार्यक्रम लाइव देख रहे थे, इसलिए भी घूंघट निकाला।
इनकी मूंछें रहीं जोरदार
मूंछ प्रतियोगिता में 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें सटीक और सधी हुई बढ़िया मूंछों के लिए मुकाबला हुआ। बीकानेर के रविन्द्र जोशी प्रथम रहे। वहीं गेनाराम और अमृत लाल दूसरे तथा चेतन प्रकाश व पंकज कुमार दवे तीसरे स्थान पर रहे।

साफा बांधों प्रतियोगिता में विदेशियों का भी दिखा उत्साह
साफा बांधो प्रतियोगिता में विदेशियों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। विदेशियों को 90 सेकंड में अपना साफा बांधना था। इसमें फ्रांस के जेनिक ब्रुनेलिया विजेता रहे। दूसरे नम्बर पर फ्रांस के टीमोथी और तीसरे नम्बर पर कनाडा की इरीन रहीं।

साफा बांधने की प्रतियोगिता में देसी प्रतिभागियों में अनोप सिंह विजेता बने। अनोप सिंह ने 60 सेकंड में जैसलमेर के अंदाज में साफा बांधकर सबका दिल जीत लिया। दूसरे नम्बर पर नाथू सिंह और तीसरे स्थान पर आईदान सिंह रहे।

मिस मूमल का खिताब बीकानेर की पारुल विजय को मिला। पारुल ने भारतीय संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि इसे आगे बढ़ाना है । इस प्रतियोगिता में भाग लेने की प्रेरणा मुझे मेरी बहन से मिली। वह लास्ट ईयर मिस मूमल रह चुकी हैं। पारुल ने कहा कि बीकानेर में केमल फेस्टिवल में रनर अप रह चुकी हूं। प्रतियोगिता में पहनावे और गहनों पर ध्यान दिया। परफॉर्मेंस और कॉन्फिडेंस रखा। मेहंदी में भी मैंने महेन्द्र और मूमल बनाए हैं। उनके प्रेम का दोहा भी लिखा है।

मेरा हमेशा से कल्चर से जुड़ाव रहा है…

मिस्टर डेजर्ट बने कॉमर्स के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रीकांत व्यास ने बताया कि वर्ष 2024 में मिस्टर बीकाणा का पुरस्कार जीता था। इसके बाद तय किया कि मैं मिस्टर डेजर्ट प्रतियोगिता के लिए जैसलमेर भी जाऊंगा। इसके लिए काफी तैयारी भी की। उन्होंने कहा-आपने मेरे परिधान देखे होंगे। मैंने एक थीम पकड़ी, जो भगवान श्रीनाथजी की थी। इसके आधार पर गले से लेकर कमर तक गहने होने चाहिएं और यहा मैंने पहने। साथ ही मुकुट भी लिया। पिछले एक साल से लगातार दाढ़ी बढ़ाई। बीकानेर के केमल फेस्टिवल से मुझे प्रेरणा मिली। इसके आधार पर ही मैं आगे बढ़ा।
