गहलोत के दावे पर सतीश पूनिया का तगड़ा प्रहार, कोटा आए पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व सीएम को ऐसे जमकर घेरा
एनसीआई@कोटा
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पूर्व सीएम अशोक के सीएम भजनलाल शर्मा को बदलने के दावे को दृढ़ता से नकार दिया। उन्होंने कहा- गहलोत ना तो अच्छे जादूगर हैं, ना अच्छे राजनेता हैं और ना ही अच्छे ज्योतिषी। मुझे नहीं लगता कि उनकी भविष्यवाणी कभी सही साबित होगी। पूनिया शनिवार को यहां एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की और विभिन्न सवालों के खुलकर जवाब दिए।
यहां उल्लेखनीय है कि पूर्व सीएम गहलोत ने 27 मई को जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी आदत के मुताबिक बिना किसी प्रमाण के दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में राजस्थान में बीजेपी की कम सीट आने की हालत में चुनाव बाद सीएम को बदल दिया जाएगा। इस तुक्के के साथ गहलोत ने यह सवाल भी उछाल दिया था कि, सीएम का इसमें क्या कसूर है? सतीश पूनिया इसी मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

कांग्रेस के सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं
पूनिया ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा- विपक्ष गर्मी से हो रही मौतों के आंकड़े छिपाने के आरोप लगा रहा है। मुझे नहीं लगता कि ये आंकड़े छिपाने की आवश्यकता है। प्राकृतिक आपदा होती है तो सबके सामने होती है।सरकार इस मामले में पूरे तरीके से ईमानदार है। जो योग्य समाधान सरकार कर सकती है वो तत्परता से किए गए हैं। खुद मुख्यमंत्री मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और राजस्थान की जनता को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस ने प्रदेश में अराजकता दी
मीडिया से बातचीत करते हुए पूनिया ने कांग्रेस व पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धारीवाल और पूरी कांग्रेस पार्टी को पीछे मुड़कर देखना चाहिए। उन्होंने विरासत में एक अराजक राजस्थान दिया। बुनियादी असुविधा, बिजली, पानी की किल्लत दी। बदहाल कानून व्यवस्था दी थी। लेकिन, कम समय में भाजपा की सरकार ने मूल मुद्दे पर काम करने की कोशिश की है। मुझे लगता है कि थोड़ा अवसर देने की आवश्यकता है। सरकार पूरी तत्परता से काम करेगी, शुरुआत भी कर दी है।
400 के टारगेट के पास पहुंचेगा एनडीए
एक अन्य सवाल के जवाब में पूनिया बोले- 400 पार के नारे का जवाब तो पीएम नरेन्द्र मोदी ने दिया था। लोगों ने इस नारे पर आपत्ति की थी। नारे कांग्रेस ने भी गढ़े थे, लेकिन कांग्रेस उन नारों पर कभी खरी नहीं उतरी। विपक्ष केवल 400 पार के नारे में उलझ कर रह गया। स्वाभाविक सी बात है 395 भी आती है तो कांग्रेस व इंडी गठबंधन को कोई अवसर नहीं है। मुझे लगता है ये एक टारगेट था, एनडीए इसके नजदीक पहुंचेगा।
पूनिया ने कहा-विपक्ष को नारे पर आपत्ति की बजाय मूल मुद्दों पर बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने किसी एजेंडे पर बात नहीं की। एक नेरेटिव बनाने की कोशिश की। लोगों को जाति, धर्म,पंथ और मजहब के आधार बांटने की कोशिश की। मुझे लगता है कि विपक्ष का जो बिखराव है, वो पहले से ज्यादा है। अच्छी बात है कि देश की जनता ने लोकतंत्र के स्थायित्व के लिए और भारत की दूर दृष्टि के लिए मोदी जी को फिर से चुना है। राजस्थान में हम मिशन 25 के लिए काम कर रहे थे, यह पूरा होगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं से भी की मुलाकात

अपने कोटा आगमन के दौरान पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पूनिया ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी एक होटल में मुलाकात की। इस दौरान उनसे विभिन्न मसलों पर बातचीत की। सुझाव और समाधान जानें। इसमें भजनलाल सरकार की योजनाओं से लेकर लोकसभा चुनावों के सम्भावित परिणामों पर भी चर्चा हुई।सतीश पूनिया से मुलाकात करने वालों में पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी, रामबाबू, जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खींची, जिला महामंत्री मुकेश विजय, बारां से संजीव भारद्वाज आदि शामिल रहे। पूनिया के साथ भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा भी मौजूद रहे।
