बूंदी: एकांतरे सुबह वाटर सप्लाई वाले रजत गृह कॉलोनी जैसे क्षेत्रों के लिए आज यह है अपडेट
एनसीआई@बूंदी
शहरवासी जलदाय विभाग की नाकामी का नतीजा इस गर्मी के मौसम में बहुत बुरी तरह भुगत रहे हैं। एकांतरे सप्लाई भी नियमित और पूर्ण रूप से नहीं होने से लोग बुरी तरह परेशान हैं। साफतौर पर इसके पीछे विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।
इसी क्रम में रजत गृह कॉलोनी सहित इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में बुधवार को वाटर सप्लाई नहीं होने से नियमानुसार आज गुरुवार को सुबह 8 बजे बाद नलों में पानी आना था। इसके चलते लोग अपना सारा काम धाम छोड़कर पानी के इंतजार में बैठे हुए थे। मगर 9 बजे तक भी पानी नहीं आने पर क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों को फोन खड़खड़ाने शुरू किए। जेईएन सिद्धार्थ जिंदल ने तो हमेशा की तरह कॉल रिसीव ही नहीं किए। इसके बाद न्यूज चक्र इंडिया डॉट कॉम ने एईएन नवीन नागर से बात की तो उन्होंने आज सुबह की जगह शाम को वाटर सप्लाई होने की बात कही। मगर इसके लिए मीडिया में किसी प्रकार की प्री इनफॉर्मेशन नहीं दिए जाने का वह कोई कारण नहीं बता सके। एकांतरे सप्लाई होने के बावजूद सुबह की जगह शाम को सप्लाई दिए जाने का भी वह कोई कारण नहीं बता सके।
धांधली और लापरवाही का यह है बड़ा प्रमाण
शहर के कई क्षेत्रों की तरह रजत गृह कॉलोनी में भी एकांतरे पानी दिए जाने का नियम लागू है। इसका कारण अधिकारी मांगली नदी के कुओं में पर्याप्त मात्रा में पानी रिचार्ज नहीं होना बताते हैं। एकांतरे के नियम से रजत गृह कॉलोनी में भी 17 जून को वाटर सप्लाई हुई थी। कुओं में पानी रिचार्ज नहीं होने की बात कहने वाले डिपार्टमेंट की बात सही है तो इसके अगले दिन 18 जून को पानी नहीं आना था। मगर हुआ यह कि उस दिन दैनिक भास्कर समाचार पत्र में शहर में पानी की समस्या को लेकर खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इस खबर का इतना प्रभाव पड़ा कि कुओं में पानी रिचार्ज नहीं होने की बात कहने वाले जलदाय विभाग ने सुबह ठीक 8:00 बजे पानी की सप्लाई शुरू कर दी, जबकि सामान्य दिनों में इसका कोई समय फिक्स नहीं है, कभी 8:00 बजे तो कभी 8:30 बजे, तो कभी 9:00 बजे तो कभी 9:30 बजे। और अक्सर तो काफी देर इंतजार के बाद पता चलता है कि आज पानी ही नहीं आएगा। उस पर एकांतरे सप्लाई भी अधिकतम 40 से 45 मिनट दी जाती है। खैर तो अब हुआ यह कि खबर प्रकाशित होने के दिन उन क्षेत्रों में जमकर वाटर सप्लाई हुई, जहां पर एक दिन पहले भी पानी दिया गया था, मगर तब तो 40 मिनट ही पानी आया था, जबकि दूसरे दिन यह सवा घंटे से भी अधिक समय तक आया। अब यहां सवाल यह है कि जब मांगली नदी के कुएं लगातार रिचार्ज नहीं हो रहे हैं, तो खबर छपने का ऐसा कौन सा असर हुआ कि पानी की टंकी भी पूरी भर गई और सामान्य दिनों में जब 40 मिनट से अधिक सप्लाई नहीं मिल रही है, उसकी जगह सवा घंटे से भी अधिक समय तक पानी दे दिया गया?
एईएन इस बड़े सवाल का नहीं दे पाए जवाब
यह सवाल न्यूज चक्र इंडिया डॉट कॉम ने एईएन नवीन जिंदल के सामने रखा तो वह भी इसका कोई जवाब नहीं दे सके। इसी से साफ जाहिर है कि जलदाय विभाग की भारी मनमानी चल रही है। इस पर सीधे तौर पर जिला कलक्टर अक्षय गोदारा को दखल देने की आवश्यकता है। जलदाय विभाग के अधिकारियों पर तो विभाग के मंत्री के आदेश का भी असर नहीं हो रहा है। अखबार में खबर छपने पर तो वह कंटिन्यू दूसरे दिन भी शानदार सप्लाई दे देते हैं, मगर वैसे तो इनके कुओं में पानी नहीं होता है।
