दो लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया एसई 4.16 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति का मालिक निकला, 31 बैंक खाते मिले, कोटा के घर से मिले 9.22 लाख रुपए

एनसीआई@डूंगरपुर/कोटा
जल जीवन मिशन में कल मंगलवार को 2 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गया जलदाय विभाग का एसई 4.16 करोड़ रुपए की सम्पत्ति का मालिक निकला। एसीबी ने इसके कोटा स्थित घर की तलाशी ली। इसमें घर के लॉकर से 9 लाख रुपए से ज्यादा मिले हैं, जबकि 4 करोड़ 16 लाख रुपए से ज्यादा की सम्पत्ति का खुलासा हुआ है। एसई अनिल कछवाहा के 31 बैंक खाते मिले हैं। इन बैंक खातों की जांच के बाद और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

एसीबी डूंगरपुर के डीएसपी रतन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि जलदाय विभाग के एसई अनिल कछवाहा को मंगलवार को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। कछवाहा ने डूंगरपुर के नवाडेरा में अपने किराए के घर में यह रिश्वत ली थी। इसके बाद इस राशि को उसने घर के अलमारी में रख दिया था। एसीबी की ट्रेप की कार्रवाई के बाद कोटा एसीबी की टीम ने कोटा के ही महावीर नगर में पोस्ट ऑफिस के पास स्थित उसके घर पर छापेमारी की।

कोटा स्थित घर पर पूरी रात चली तलाशी
डीएसपी रतन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि रात 8 बजे से कोटा के घर की तलाशी शुरू हुई, जो बुधवार सुबह 8 बजे तक चली। रात भर चली तलाशी और कार्रवाई के दौरान घर के लॉकर से 9 लाख 22 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। लॉकर से चल-अचल सम्पत्ति के कई कागजात भी मिले हैं। इस सम्पत्ति की कुल कीमत 4 करोड़ 16 लाख रुपए से ज्यादा आंकी गई है। एसीबी की टीम इन दस्तावेजों की जांच कर रही है।

बैंकों के 31 खातों की जांच बाकी
डीएसपी ने बताया कि आरोपी एसई अनिल कछवाहा के अलग-अलग बैंकों में कुल 31 अकाउंट भी मिले हैं। अभी इन अकाउंट की जांच करना बाकी है। इसके बाद कछवाहा की सम्पत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
1.87 करोड़ रुपए की फिक्स डिपॉजिट
दूसरी तरफ उसके घर पर 1.87 करोड़ रुपए की फिक्स डिपॉजिट के कागजात भी मिले हैं। यह अधिकांश एफडी को-ऑपरेटिव बैंक में कार्रवाई हुई है। साथ ही कोटा में ही दो भूखंड के कागजात भी मिले हैं। इनमें से एक राजीव गांधी स्पेशल और दूसरा श्रीनाथपुरम में है। इनकी खरीद राशि 1.16 करोड़ रुपए के आसपास है। घर में विशेष ज्वेलरी नहीं मिली है, लेकिन बैंक लॉकर की तलाशी में आगे की जानकारी मिल सकती है। फिलहाल इन सभी बैंक खातों और लॉकर को सीज करवाया जा रहा है।
एक साल पहले ही हुई थी डूंगरपुर में पोस्टिंग

अनिल कछवाहा कोटा में भी जूनियर इंजीनियर से लेकर अधिशाषी अभियंता तक रह चुका है। 2018 में वह कोटा में एक साल के लिए अधीक्षण अभियंता भी रहा है। अलवर के बाद उसकी एक साल पहले ही डूंगरपुर में पोस्टिंग हुई थी।
