देश के विख्यात चित्रकारों ने ईश्वरी निवास में समझीं बूंदी चित्र शैली की बारीकियां, गोष्ठी भी आयोजित
एनसीआई@बूंदी
देश के विभिन्न राज्यों से बूंदी आए प्रमुख चित्रकारों ने रविवार को ईश्वरी निवास पहुंचकर बूंदी चित्र शैली से सम्बन्धित जानकारियां प्राप्त कीं। इस मौके पर एक गोष्ठी का आयोजन भी हुआ। इसे कुंवर वंशवर्धन सिंह ने सम्बोधित किया।
आयोजन समिति के संयोजक चित्रकार विजय सिंह सोलंकी ने बताया कि ‘सिटी ऑफ कलर’ के नाम से विख्यात छोटी काशी बूंदी में विभिन्न राज्यों से आए चित्रकारों ने ईश्वरी निवास पहुंच कर बूंदी चित्र शैली से जुड़े चित्रों का अवलोकन किया। साथ ही बूंदी रियासत के वाटर कलर से निर्मित नक्शे सहित प्राचीन काल के विभिन्न एंटिक आइटम्स का बारीकी से अध्यान किया तथा जानकारियां लीं।
चित्रकार विजय सिंह ने बताया कि इस मौके पर आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कुंवर वंशवर्धन सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न प्रांतों से बूंदी आए चित्रकारों के द्वारा बनाए जाने वाले बूंदी के चित्रों से बूंदी का नाम विश्व पर्यटन मानचित्र पर और भी अधिक प्रमुखता से पहुंचेगा। इससे यहां के युवाओं, पर्यटन व्यवसायियों व आमजन को भी रोजगार से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। यह बूंदी जिले के लिए सुखद संकेत है। इसके लिए स्थानीय चित्रकारों को जिला प्रशासन से मिलकर दूरगामी कार्य योजना तैयार करनी चाहिए।
गोष्ठी को बूंदी विकास समिति के सदस्य पुरुषोत्तम पारीक ने भी सम्बोधित किया। इस मौके पर रानी रोहिणी कुमारी फाउंडेशन की अध्यक्ष रोहिणी कुमारी, कंवरानी मयूराक्षी सिंह, शिक्षाविद सिल्विन, बूंदी ब्रश संस्था के अध्यक्ष सुनील जांगिड़, युवराज सिंह सहित अन्य राज्यों से आए चित्रकार विजय विस्वाल, विक्रांत सिटोले, निशिकांत पलाडे, अचिंत्य हांजा, कृपा सटोले, सिकंदर सिंह, मनी, सायी पार्लिकार, मानसी, ललिता गुप्ता, जैनब एरानी, अलका वोरा, केतन राने, जितेन्द्र, नक्षदीप, कुलविन्द्रा सिंह, मृत्युंजय दास, रूपक भागवत, भारती, सुधा जागीरदार, मौली शाह, आइशा, ज्योति, अश्विनी, रीता पुरोहित, चेतना वोरा, अर्चना पारीक, विद्या मूसले, भाग्यश्री, गणेश हीरे, अनिल चौधरी, दीपिका, प्रिया बजाज, प्रिया जैन, यशोधरा, विनीता, मेनका, वंदना शाह, अनिल स्वामी और पवन ने भी अपना सम्बोधन दिया।
आयोजन की को-ऑर्डिनेटर शालिनी भारती व आशीष शृंगी ने कुंवर वंशवर्धन सिंह द्वारा आयोजित इस गरिमापूर्ण आयोजन के लिए उनका आभार जताया।
कार्यक्रम का संचालन जोगेंद्र सिंह हाड़ा ने किया।
