पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष महिपत सिंह, विधानसभा प्रत्याशी रहे उनके पुत्र व जिला परिषद सदस्य का निष्कासन रद्द, मगर महिपत सिंह ने बताया इसे आत्मसम्मान को ठेस, आदेश स्वीकार नहीं
एनसीआई@बूंदी
भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान ने अप्रत्याशित फैसला लेते हुए गत जिला परिषद चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त माने गए पूर्व जिला अध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा, हिंडोली विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे उनके पुत्र ओमेन्द्र सिंह हाड़ा सहित जिला परिषद सदस्य शक्ति सिंह हाड़ा का पार्टी से निष्कासन रद्द कर दिया है। मगर महिपत सिंह हाड़ा की ओर से जारी एक विस्तृत विज्ञप्ति में इस आदेश को एकपक्षीय व उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए इसे मानने से इनकार कर दिया गया है।
भाजपा अनुशासन समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने यह आदेश जारी किया है। इसमें लिखा हुआ है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के आदेश अनुसार गत जिला परिषद चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा, पूर्व प्रत्याशी हिंडोली विधानसभा ओमेंद्र सिंह हाड़ा व जिला परिषद सदस्य शक्ति सिंह हाड़ा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था। तीनों कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति में विश्वास व्यक्त करते हुए अनुशासन बद्ध होकर कार्य करने का वचन दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार इनका निष्कासन आदेश अविलम्ब प्रभाव से निरस्त किया जाता है।

महिपत सिंह हाड़ा ने ऐसे जताया रोष और ऐतराज
भारतीय आज प्रदेश भारतीय जनता पार्टी द्वारा मुझे पार्टी में वापस लेने की जानकारी सोशल मिडिया के माध्यम से मिली है। जिस प्रकार 3 वर्ष पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कहने पर पंचायती राज चुनाव के सम्भाग प्रभारी सीपी जोशी, बूंदी विधायक अशोक डोगरा एवं भाजपा जिलाध्यक्ष बूंदी ने गलत तथ्य पेश कर, षड़यंत्रपूर्वक मुझे पार्टी से बिना कारण बताए एवं बिना पत्र दिए पार्टी से निकाल दिया था। जबकि पार्टी को उक्त प्रकरण की जांच करवाकर ही कार्यवाही करनी चाहिए थी। परन्तु उस समय इस बात पर पार्टी पदाधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया और मुझे दोषी नहीं होने के बावजूद भी द्वेषता पूर्वक पार्टी के निकाल दिया। मैंने भाजपा में 40 वर्षों से निस्वार्थ सेवा की है, परन्तु मेरी सेवा को दरकिनार कर मुझे पार्टी से निकाल कर मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है।
आज भी उसी प्रकार मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाते हुए मुझे व मेरे पुत्र को पार्टी में वापस लेने का अधिकृत पत्र भाजपा के प्रदेश कार्यालय ने जारी किया है। पार्टी में वापस जाने के लिए मेरे द्वारा कोई भी आवेदन नहीं किया गया है। फिर भी भाजपा संगठन ने मेरी जानकारी के बिना ही पार्टी में लेने का पत्र जारी कर दिया है, जिससे मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा, स्वाभिमान को आघात पहुंचा है। यह केवल भाजपा द्वारा बूंदी की जनता को भ्रम में डालने का प्रयास है।
मैं महाराणा प्रताप के सिद्धांतों पर चलने वाला और सनातन विचारधारा मे विश्वास रखता हूं। जिस तरीके से मुझे वापस पार्टी में लेने का षड्यंत्र रचा गया है, उसे देखते हुए फिलहाल मेरा भाजपा में आने का कोई विचार नहीं है। मुझे पार्टी से षड़यंत्र पूर्वक निकलवाए जाने की जांच एक तीन सदस्य कमेटी से करवाई जाए। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। मैं 6 वर्ष का निष्कासन पूर्ण होने के बाद ही निर्णय करूंगा कि मुझे क्या करना है।

भाजपा में इसलिए है खलबली तो हाड़ा का इसलिए है ‘अपर हेंड’
जिला अध्यक्ष बनने के बाद महिपत सिंह हाड़ा ने पार्टी की गतिविधियों को जिलेभर में बहुत तेजी से बढ़ाया था। लगातार कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे थे। क्षेत्र में इनका काफी वर्चस्व है। उनकी फैन फॉलोइंग काफी अधिक है। गौरतलब है कि गत जिला परिषद चुनाव के दौरान भाजपा सदस्यों की संख्या अधिक होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी का बोर्ड बन गया था। इसके लिए महिपत सिंह सहित उनके पुत्र ओमेन्द्र सिंह व शक्ति सिंह को भाजपा ने प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। इन सबसे अलग वर्तमान में जो बड़ी बात है, वह यह है कि महिपत सिंह हाड़ा भाजपा से बागी होकर निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे वरिष्ठ भाजपाई रुपेश शर्मा का नामांकन भरवाने में साथ रहे। इसके बाद पूरी तरह से रुपेश शर्मा के साथ लगे हुए हैं। वहीं भाजपा ने वर्तमान विधायक अशोक डोगरा को चौथी बार बूंदी विधानसभा सीट से टिकट दिया है।

